5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किसान आंदोलन के चलते 9 हजार से ज्यादा उद्योग हुए बंद, मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

मानवाधिकार आयोग के अनुसार किसान आंदोलन के चलते नौ हजार से अधिक उद्योग बंद हो चुके हैं जिनमें हजारों लाखों श्रमिकों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Sunil Sharma

Sep 15, 2021

kisan andolan

कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के मोगा मे राहुल गांधी को सुनने के लिए जमा किसान

नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी कर किसान आंदोलनों से पैदा हालात पर रिपोर्ट मांगी है। आयोग के अनुसार इन राज्यों में किसान आंदोलन के कारण नौ हजार से अधिक उद्योग धंधे बंद हो चुके हैं। आयोग को इसकी शिकायत भी मिली है।

यही नहीं, यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमाएं बंद होने से लोगों को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है। आयोग को यह शिकायत भी मिली हैं कि आंदोलन की वजह से कुछ जगह लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : त्योहारों से पहले पाक संचालित आतंकी साजिश का भंडाफोड़, यूपी-दिल्ली आदि राज्यों से दो आतंकियों समेत छह धरे

राज्यों को नोटिस देने के अलावा आयोग ने आर्थिक विकास संस्थान से भी दस अक्टूबर तक आंदोलन के कारण उद्योगों पर पड़े प्रभाव की रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के साथ कथित रूप से सामूहिक रेप के मामले में झज्जर के डीएम से मृतक के परिजन को मुआवजे के भुगतान के संबंध में रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें : तेजप्रताप यादव ने कर्मी पर 71 हजार की धोखाधड़ी का लगाया आरोप

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार द्वारा गत वर्ष पारित किए गए नए कृषि विधेयकों के विरोध को लेकर पिछले कई महिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इन कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर कई जगहों पर यातायात को पूरी तरह से रोक दिया गया है जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।