
Krishna Janmashtami 2021: नई दिल्ली। इस बार कृष्ण जन्माष्टमी पर अत्यन्त दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार ऐसे अवसर पर व्रत करने का अत्यधिक लाभ मिलता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जन्माष्टमी के दिन पंजरी का भोग बनाया जाता है। भगवान कृष्ण को भी इसी का भोग लगाते हैं और भक्त इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। व्रत में अन्न ग्रहण करने का निषेध बताया गया है वरन भगवान श्रीकृष्ण को भोग में चढ़ाए जाने वाले फल, दही तथा पंजीरी का ही आहार ग्रहण किया जा सकता है।
पंजीरी शब्द पंज से बना है, इसका अर्थ है कि पांच प्रकार की वस्तुओं को मिलाकर तैयार किया गया नैवेद्य अथवा प्रसाद। यदि आप प्रसाद नहीं बना रहे हैं तो इसमें अपने स्वाद के अनुसार अन्य कई सामग्रियां भी प्रयोग कर सकते हैं। परन्तु यहां हम पढ़ेंगे कि भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए पंजीरी किस प्रकार बनाई जाए।
धनिया पंजीरी
भगवान श्रीकृष्ण को नैवेद्य के रूप में धनिया पंजीरी अनिवार्य रूप से अर्पित की जाती है। इसे बनाना बहुत ही आसान होता है। पैन में मध्यम आंच में घी पिघला उसमें धनियां डालें और दोनों को एक साथ चलाते हुए भून लें। एक अलग बर्तन में मखाने को भी कुरकुरे होने तक भून कर दूसरे प्याले में निकाल लें। सूखा नारियल, बादाम और मेवे को कद्दूकस कर तरबूत एवं खरबूजे के बीजों के साथ मिलाएं। आखिर में इन सभी को बारीक पिसी हुई चीनी पाउडर के साथ मिलाकर भूने हुए धनिए में मिला दें। इस तरह धनिया पंजीरी तैयार हो जाएगी।
नारियल पंजीरी
इस पंजीरी को बनाने का तरीका धनिया पंजीरी से थोड़ा अलग है। एक कप कद्दूकस किया हुआ नारियल पाउडर लेकर उसे मध्यम आंच पर सूखा भूनें। इसके बाद उसमें खरबूजे के बीज, बारीक कतरे हुए बादाम, काजू व अन्य सूखे मेवे मिलाएं। एक अन्य बर्तन में दी तार वाली चीनी की चाशनी बनाएं। अब इन सबको एक साथ मिला कर ठंडा होने के लिए रख दें। इस तरह तैयार की गई नारियल पंजीरी आप भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर स्वयं भी ग्रहण करें।
Updated on:
30 Aug 2021 07:53 am
Published on:
24 Aug 2021 10:20 am
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