
Naxal Attack
Naxal Attack : छत्तीसगढ़ के जंगल बुधवार को एक बार फिर से गोलियों की तड़ताहड़ से गूंज उठे। दंतेवाड़ा में नक्सलियों द्वारा किए गए IED ब्लास्ट 11 जवान शहीद हो गए। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) फोर्स के जवान जब एक ऑपरेशन से लौट रहे थे, तभी नक्सलियों ने उनके वाहन को IED से उड़ा दिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नक्सलियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा और नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। सूत्रों के अनुसार इस घटना के बाद मोदी सरकार अब बड़े एक्शन की तैयारी कर रही है। ये पहली बार नहीं है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी जवानों के खून से लाल हुई है। ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं।
जानिए कब-कब नक्सलियों ने बनाया सुरक्षाबल को निशाना
4 अप्रैल 2021 : छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर पर हुई नक्सली हमला, 22 जवान शहीद हो गए थे।
ये 8 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
सरकार के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 8 जिले नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बीजापुर, सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, राजनंदगांव और कोंडागांव शामिल हैं। सुरक्षाबल या पुलिस जब भी नक्सलियों को पकड़ने जाती है, तो ये नक्सली उन पर हमला कर देते हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ से ज्यादा नक्सल प्रभावित झारखंड है। यहां 13 जिले नक्सल प्रभावित हैं। उसके बावजूद झारखंड में नक्सली हमले छत्तीसगढ़ की तुलना में कम होते हैं।
नक्सलियों पर लगाम लगाने में सरकारें नाकाम
नक्सलियों का छत्तीसगढ़ में इतना ज्यादा प्रभाव है कि वे बेलगाम हो चुके हैं। सरकार चाहे बीजेपी की हो या कांग्रेस की, नक्सलियों पर लगाम लगाने में दोनों ही सरकारे नाकाम रही हैं। एक ट्रेंड ये भी है कि झारखंड में जहां नक्सली हमलों में कमी आ रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में हमले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। सरकार इन्हें नक्सली हमले नहीं कहती, बल्कि वामपंथी उग्रवाद हमले बताती है।
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Updated on:
26 Apr 2023 05:32 pm
Published on:
26 Apr 2023 05:12 pm
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