26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक्स पर Lockdown क्यों कर रहा ट्रेंड? HMPV वायरस को लेकर सरकार ने कहा कि…

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक वायरस है। इसके लक्षण सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे होते हैं। इसमें बुखार, खांसी और गले में खराश, नाक बंद या बहना, वहीं, गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई भी होती है।

3 min read
Google source verification
HMPV Virus

HMPV Virus

HMPV Virus: भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के तीन मामले पाए गए है। दो बेंगलुरु में और एक मामला अहमदाबाद में मिला है। ये मामले शिशुओं में पाए गए और उनमें से एक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जैसे ही चीन में HMPV प्रकोप की खबरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर #लॉकडाउन (#Lockdown) ट्रेंड करने लगा, लोगों ने HMPV उछाल और चीन में 2019-2020 में कोविड-19 प्रकोप के बीच समानताएं बताई। कोविड बाद में वैश्विक महामारी बन गई। कोविड के मामले सबसे पहले चीन के वुहान में सामने आए और इसके बाद यह तेजी से दूसरे देशों में फैल गया। भारत में कोविड-19 का पहला मामला जनवरी 2020 में केरल में सामने आया था। अमेरिका के बाद भारत COVID-19 प्रकोप से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में से एक था।

क्या है HMPV?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक वायरस है, जो न्यूमोविरिडे परिवार से संबंधित है, यह परिवार रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (RSV) से जुड़ा हुआ है। इसके लक्षण सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे होते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति को बुखार, खांसी और गले में खराश, नाक बंद या बहना, वहीं, गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई भी होती है। इसकी खोज सबसे पहले 2001 में हुई थी और यह खास तौर पर शिशुओं, वृद्धों और कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में जल्दी फैलता है।

'घबराने की कोई जरूरत नहीं'

लोगों को डर है कि एचएमपीवी के मामलों में उछाल से एक और वैश्विक प्रकोप हो सकता है और सरकार को इसे नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। हालांकि, चिकित्सा अधिकारी लोगों से कह रहे हैं कि "घबराएं नहीं" क्योंकि यह वायरस वैश्विक स्तर पर प्रचलन में है और यह कोई नया रोगजनक नहीं है। केंद्र और भारत के शीर्ष चिकित्सा निकाय, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि धबराने की जरूरत नहीं है और HMPV वायरस नया नहीं है यह पहले से ही भारत सहित दुनिया भर में प्रचलन में है।

स्थिति चिंताजनक नहीं है- चिकित्सा शिक्षा मंत्री

बेंगलुरु में HMPV के दो मामलों का पता चलने पर, कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश ने कहा, "बेंगलुरु में दो मामले पाए गए हैं, लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, ये हल्के मामले हैं, दोनों बच्चों (जिनमें HMPV पाया गया) में से एक को छुट्टी दे दी गई है और दूसरे की हालत भी ठीक है। चिंता की कोई बात नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, यह सामान्य सर्दी का हल्का रूप है। भारत सरकार भी इस पर कड़ी निगरानी रख रही है। हमारे चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने सलाह जारी की है। अभी तक किसी परीक्षण की आवश्यकता नहीं है।"

भारत में HMPV का ये पहला मामला नहीं

ICMR ने कहा, "HMPV कोई नया वायरस नहीं है, यह दुनिया में पहले से ही मौजूद है। HMPV से जुड़ी श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले विभिन्न देशों में रिपोर्ट किए गए हैं। इसके अलावा, ICMR और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) नेटवर्क के वर्तमान आंकड़ों के आधार पर, देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) या गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह भारत में HMPV का पहला मामला है, यह सच नहीं है क्योंकि HMPV एक मौजूदा वायरस है, और कुछ प्रतिशत लोग इस वायरस से प्रभावित होते हैं और यह कोई नई बात नहीं है।"

HMPV से गंभीर बीमारी की संभावना बहुत कम है

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अधिकारी डॉ. अतुल गोयल ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, "चीन में मेटान्यूमोवायरस के प्रकोप के बारे में खबरें चल रही हैं। मैं इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट होना चाहता हूं। मेटान्यूमोवायरस किसी भी अन्य श्वसन वायरस की तरह है, जो सामान्य सर्दी का कारण बनता है, और बहुत बूढ़े और बहुत छोटे लोगों में यह फ्लू जैसे लक्षण पैदा कर सकता है।" वहीं नई दिल्ली स्थित एम्स के सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. हर्षल आर. साल्वे ने आईएएनएस को बताया, "ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) कोई नया वायरस नहीं है। यह लंबे समय से भारत में प्रचलित फ्लू वायरस का हिस्सा रहा है। इसलिए, भारत की अधिकांश आबादी ने इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है।" उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी की संभावना बहुत कम है।

HMPV से खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

क्या करें

  • खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या टिशू पेपर से ढकें।
  • साबुन, पानी या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र से बार-बार हाथ धोएं।
  • यदि किसी को बुखार, खांसी या छींक हो तो सार्वजनिक स्थानों से दूर रहें
  • खूब पानी पियें और पौष्टिक आहार लें।
  • संक्रमण को कम करने के लिए सभी क्षेत्रों में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें।

क्या न करें

हाथ मिलाना, टिशू पेपर और रूमाल का उपयोग, बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क, आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां लेने से बचें वर्तमान में, HMPV के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। उपचार सहायक है और संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करता है। हल्के मामलों के लिए, आराम, पर्याप्त जलयोजन और बुखार और नाक की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ओवर-द-काउंटर दवाएं पर्याप्त हैं।