
The World Poverty Clock: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक बड़ी खबर आ रही है। भारत में अत्यधिक गरीबी (एक्सट्रीम पॉवर्टी) का खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। देश में अत्यधिक गरीबी घटकर तीन प्रतिशत से भी नीचे चली गई है। यानी देश के लोग अत्यधिक गरीबी की सीमा से तेजी से बाहर निकल रहे हैं। इसका खुलासा द वर्ल्ड पॉवर्टी क्लॉक की रिपोर्ट में किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि देश में अब 3.5 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी की सीमा में बचे हैं। यह कुल जनसंख्या तीन फीसदी से भी कम है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत जैसे विशाल देश में कई तरह की विविधता है। इसके बावजूद गरीब लोगों की संख्या लगातार कम हो रही है। इससे साफ है कि सरकार की नीतियां कारगर रही हैं।
द वर्ल्ड पॉवर्टी क्लॉक की रिपोर्ट के मुताबिक देश में गरीबों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक है। देश के कुल अत्यधिक गरीबों की संख्या का 94 फीसदी हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है। वहीं शहरी क्षेत्र में मात्र 6 फीसदी अत्यधिक गरीब निवास करते हैं।
इससे पहले नीति आयोग कह चुका है कि देश में अत्यधिक गरीबी में तेजी से गिरावट आई है। 2013-14 में अत्यधिक गरीबों की संख्या 29.17 प्रतिशत थी जो 2022-23 में घटकर मात्र 11.28 फीसदी रह गई। इन 9 साल में 24.82 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा लोग अत्यधिक गरीबी की रेखा से बाहर आए हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि गरीब राज्यों में गरीबी तेजी से कम हुई है। वहीं विश्व बैंक की रिपोर्ट में यह दर्शाया गया था कि गरीबों की संख्या में तेजी से कमी आई है।
Updated on:
03 Mar 2024 07:56 am
Published on:
03 Mar 2024 07:55 am
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