
Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र के आखिरी दिन, सोमवार को देवेंद्र फडणवीस सरकार अपना बहुमत साबित करेगी। यह बहुमत परीक्षण महज औपचारिकता है क्योंकि महायुति (बीजेपी-शिवसेना गठबंधन) को विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत मिला है। अब तक के घटनाक्रम के अनुसार शनिवार (पहला दिन) को विशेष सत्र के पहले दिन सदन में 173 विधायकों ने सदस्यता की शपथ ली। विशेष सत्र के दूसरे दिन रविवार को 105 विधायकों ने शपथ ली। दरअसल, विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के कई विधायकों ने EVM के मुद्दे पर 7 दिसंबर को शपथ लेने से मना कर दिया था। इसके साथ ही सदन से वॉकआउट कर दिया। इसलिए उनको शपथ रोक दिया गया था।
तीसरे दिन सोमवार को शेष विधायकों द्वारा शपथ ग्रहण किया जाएगा। देवेंद्र फडणवीस सरकार बहुमत साबित करेगी। महायुति को पहले से ही विधानसभा में बहुमत का स्पष्ट समर्थन प्राप्त है, इसलिए यह बहुमत परीक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया मानी जा रही है। एमवीए ने ईवीएम से जुड़ी चुनावी पारदर्शिता और सदन की प्रक्रियाओं को लेकर विरोध प्रकट किया है, जो उनकी रणनीतिक तैयारी और चुनावी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत है। यह सत्र महाराष्ट्र की राजनीति में नई दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका पर नजर रहेगी।
महाराष्ट्र विधानसभा में स्पीकर पद के लिए भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर ने रविवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार, तथा महायुति गठबंधन के अन्य नेता मौजूद रहे। राहुल नार्वेकर कोलाबा विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका निर्विरोध स्पीकर चुना जाना लगभग तय है क्योंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है।
महायुति गठबंधन को सदन में स्पष्ट बहुमत प्राप्त है, जिससे नार्वेकर की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। नामांकन दाखिल होने के बाद विधानसभा में स्पीकर का औपचारिक चयन सत्र के दौरान किया जाएगा। राहुल नार्वेकर के निर्विरोध चुने जाने से महायुति की स्थिति और मजबूत होगी, और विधानसभा संचालन में सत्ता पक्ष को स्पष्ट बढ़त मिलने की संभावना है।
Published on:
09 Dec 2024 07:51 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
