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Maharashtra: शेल्टर होम में रह रही एचआईवी संक्रमित नाबालिग से दो साल तक किया रेप, फिर गर्भपात कराने को किया मजबूर

महाराष्ट्र के एक एचआईवी संक्रमित बाल आश्रय गृह में एक नाबालिग बच्ची के साथ दो साल में चार बार रेप किया गया और फिर उसे गर्भपात कराने को मजबूर भी किया गया।

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भारत

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Himadri Joshi

Jul 26, 2025

फेसबुक पर दोस्ती, शादी का झांसा देकर किया बलात्कार(photo-patrika)

फेसबुक पर दोस्ती, शादी का झांसा देकर किया बलात्कार(photo-patrika)

महाराष्ट्र के लातूर जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। जिले की औसा तालुका में एक नामी एचआईवी संक्रमित बाल आश्रय गृह में नाबालिग बच्ची के साथ लंबे समय तक रेप करने के मामले का खुलासा हुआ है। सेवालय नामक इस आश्रय गृह के कर्माचारी ने न सिर्फ 2 साल तक लगातार कई बार 16 साल की पीड़िता के साथ रेप किया बल्कि उसे गर्भपात कराने को भी मजबूर किया।

दो साल तक किया रेप

अपनी शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि, सेवालय के कर्मचारी ने 13 जुलाई 2023 से इस साल 23 जुलाई के बीच चार बार उसके साथ रेप किया। इस दौरान जब वह बिमार हुई तो उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद सामने आया कि वह चार महीने की गर्भवती है। यह जानकारी सामने आने पर आरोपी ने एक डॉक्टर को बुलाया और बिना पीड़िता की मर्जी के उसका गर्भपात करा दिया। इसके साथ ही पीड़िता को किसी के सामने मुंह न खोलने की धमकी भी दी गई।

संस्था के प्रबंधन ने नहीं की कोई मदद

आरोपी की हरकतों से परेशान होकर पीड़िता लड़की ने जब संस्था के प्रबंधन से मदद मांगी तो उन्होंने भी पीड़िता की बात को अनसुना कर दिया। पीड़िता ने प्रबंधन अधिकारियों को एक पत्र लिख कर उसे एक शिकायत पेटी में डाल दिया था। लेकिन उसने बताया कि इस पत्र को अधिकारियों ने फाड़ दिया और इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।

सेवालय के संस्थापक समेत पांच लोग गिरफ्तार

इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर ढोकी पुलिस ने मामले की जांच शुरु की और पोक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सेवालय के संस्थापक रवि बापटले, अधीक्षक रचना बापटले और कर्मचारी अमित महामुनि और पूजा वाघमारे के अलावा एक और अन्य वयक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

संस्था में रह रही अन्य लड़कियों ने भी किए खुलासे

मामले की जानकारी सामने आने के बाद से इस संस्था में रह रही कुछ अन्य लड़कियों ने भी अपने साथ दुर्व्यवहार की शिकायत की है। इन सभी शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरु कर दी है। साथ ही इस मामले को ढोकी पुलिस से औसा पुलिस को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। पुलिस ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

इस संस्था में मुफ्त में काम करते है कर्मचारी

सेवालय एचआईवी संक्रमित बच्चों का एक आश्रय ग्रह है, जिसका टैगलाइन 'बच्चों का खुशहाल' घर है। इनकी वेबसाइट के अनुसार, यहां 23 लड़के और 7 लड़कियां रहती हैं और ये सभी बच्चे एचआईवी संक्रमित है। संस्था की वेबसाइट पर यह भी बताया गया है कि सेवालय में काम करने वाले सभी कर्मचारी मुफ्त में सेवा करते हैं, यानी वे कोई वेतन नहीं लेते हैं।