
मल्लिकार्जुन खड़गे(फोटो-ANI)
Rahul Gandhi Parliament Protest: संसद के मानसून सत्र में छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव अब भी खत्म होता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कर दिया है कि पार्टी अपनी मांगों से पीछे हटने के मूड में नहीं है। उनका कहना है कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और गोलीबारी की जवाबदेही, घायल छात्रों की स्थिति, अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद और माफी की मांग पर कांग्रेस का रुख शुरुआत से एक जैसा रहा है।
संसद में छात्रों से जुड़े विवाद को लेकर सियासी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पार्टी ने अपनी मांगों में कोई बदलाव नहीं किया है। उनके मुताबिक, जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने शुरुआत में आवाज उठाई थी, वही मुद्दे आज भी उसके केंद्र में हैं।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस के सामने तीन प्रमुख सवाल हैं और जब तक इनका समाधान नहीं होता, पार्टी उन्हें उठाती रहेगी। उन्होंने खास तौर पर छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सदन में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, पहला सवाल यह है कि छात्रों पर लाठीचार्ज और गोली चलाने के आदेश किसने दिए और पूरी कार्रवाई किस परिस्थिति में हुई। कांग्रेस चाहती है कि इस संबंध में सरकार सदन के भीतर विस्तृत बयान दे।
खड़गे ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में छात्र बीमार पड़े या अस्पताल पहुंचे। उनके अनुसार, 100 से अधिक छात्रों को मामूली चोटें आईं और कई छात्रों को कथित तौर पर पेलेट गन से चोट लगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि घटना को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित जवाब अब तक सामने नहीं आया है। उनका आरोप है कि सरकार विस्तृत चर्चा के बजाय संक्षिप्त बयान देकर मामले को आगे बढ़ाना चाहती है।
खड़गे ने कांग्रेस के रुख को तीन हिस्सों में रखा। पहला मुद्दा छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई और उसकी जवाबदेही से जुड़ा है। दूसरा मुद्दा अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदे से जुड़े विवाद का है। तीसरी मांग माफी से संबंधित है।
यानी कांग्रेस का कहना है कि संसद में केवल छात्रों के आंदोलन पर चर्चा कर देने से मामला खत्म नहीं होगा। पार्टी उन सभी मुद्दों को सदन में उठाना चाहती है, जिन्हें वह शुरुआत से अपनी प्राथमिकता बताती रही है।
अयोध्या के चंदे को लेकर कांग्रेस पहले भी निष्पक्ष जांच, एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाती रही है। जुलाई में कांग्रेस ने इस मामले में ट्रस्ट को भंग करने, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री से माफी की मांग भी उठाई थी।
खड़गे से जब झारखंड में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे अलग मामला बताया। उनका तर्क था कि देश में यदि सैकड़ों मुद्दे हैं तो क्या सभी को एक ही दिन संसद में चर्चा के लिए लाया जा सकता है?
झारखंड में छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा है। खड़गे इससे पहले भी छात्रों के समर्थन में बयान दे चुके हैं और कहा था कि कांग्रेस देशभर में छात्रों तथा युवाओं के साथ खड़ी है।
हालांकि, झारखंड का मामला कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील भी है, क्योंकि वहां कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। इसी वजह से भाजपा कांग्रेस पर अलग-अलग राज्यों में छात्र आंदोलनों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाती रही है।
Updated on:
11 Aug 2026, 1:06 PM IST
Published on:
11 Aug 2026, 1:03 PM IST
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