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‘कार्यकर्ताओं पर हजारों केस दर्ज किया, संस्थाओं पर कब्जा हो रहा है’, ममता बनर्जी का मोदी सरकार पर हमला

Mamata Banerjee: ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं पर हजारों केस दर्ज होने, स्थानीय संस्थाओं पर कब्जे और SIR जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। जानें उन्होंने क्या कहा है?
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भारत

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Rahul Yadav

Aug 04, 2026

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ममता बनर्जी (फोटो: ANI)

Mamata Banerje on Modi Government: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं पर हजारों मामले दर्ज किए गए हैं और पंचायतों, नगरपालिकाओं तथा जिला परिषदों जैसी संस्थाओं पर कब्जा किया गया है। ममता ने यह भी सवाल उठाया कि परिसीमन और जनगणना का काम राजनीतिक दलों को विश्वास में लिए बिना क्यों किया जा रहा है।

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें आशंका है कि कहीं फिर से एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) जैसी प्रक्रिया तो नहीं चलाई जा रही। उन्होंने कहा कि वह न्याय की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट गई थीं लेकिन इस मुद्दे पर सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं बल्कि जनजागरण और जनआंदोलन की भी जरूरत है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने की अपील की है।

नेताजी के सम्मान को लेकर BJP पर साधा निशाना

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ऐसे बयान दे रहे हैं जो उनके सम्मान के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नेताजी को सांप्रदायिक नजरिए से पेश कर रहे हैं जबकि कुछ उन्हें राष्ट्रविरोधी तक बता रहे हैं। ममता ने कहा कि यह पूरे बंगाल के लिए शर्म की बात है।

उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक कर सच्चाई सामने लाने का वादा किया था लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। ममता ने कहा कि देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले नेताजी का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी आईटी टीम को युवाओं को इस मुद्दे पर एकजुट करने और विरोध दर्ज कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

हर कार्यक्रम के लिए कोर्ट जाना पड़ता है

टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की बैठकों और रैलियों के लिए हर बार अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। ममता ने कहा मैं कानून का पालन करती हूं इसलिए अनुमति मांगती हूं। लेकिन अगर कानून ही रास्ते से भटक जाए तो हमें भी सार्वजनिक कार्यक्रम और जनसभाएं करने का अधिकार है।

एजेंसियों के दुरुपयोग का भी लगाया आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस, ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) के जरिए विधायकों, सांसदों और उनके परिवारों को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है लेकिन विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

पुराने वादों पर भी उठाए सवाल

ममता ने बीजेपी से उसके पुराने वादों पर भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले जिन फाइलों को खोलकर सच्चाई सामने लाने का वादा किया गया था उनका अब तक कोई पता नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि उन वादों का क्या हुआ और उन्हें अब तक पूरा क्यों नहीं किया गया। ममता ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता को जागरूक होना होगा और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी करना होगा।