4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Karnataka Congress: मंत्रिमंडल विस्तार में एचके पाटिल को मंत्री पद न मिलने पर बगावत, 22 पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा

Gadag Congress Protest: गदग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता एचके पाटिल को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद गदग नगर परिषद के 22 कांग्रेस पार्षदों ने इस्तीफा सौंप दिया।
2 min read
Google source verification
Karnataka Congress

कांग्रेस झंडा। फोटो- आईएएनएस

गदग। कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री एवं गदग विधायक डॉ. एचके पाटिल को मंत्री पद नहीं दिए जाने के विरोध में मंगलवार को गदग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इसे जिले के साथ अन्याय बताते हुए राज्य नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आया, जब गदग नगर परिषद के 22 कांग्रेस पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। पार्षदों ने जिला प्रशासन को अपना इस्तीफा सौंपते हुए मांग की कि डॉ. एचके पाटिल को मंत्रिमंडल में उचित स्थान दिया जाए। इस कदम को जिले की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

गदग की उपेक्षा स्वीकार नहीं

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि डॉ. पाटिल ने लंबे समय तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और प्रशासन में प्रभावी भूमिका निभाई है। ऐसे अनुभवी नेता को मंत्रिमंडल से बाहर रखना गदग जिले की जनता की भावनाओं की अनदेखी है। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से निर्णय पर पुनर्विचार कर डॉ. पाटिल को सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की मांग की। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभिन्न जिलों में उभर रही नाराजगी के बीच गदग में हुआ यह विरोध प्रदर्शन और 22 पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन द्वारा इस्तीफों पर होने वाली कार्रवाई और कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।

तटीय कर्नाटक को मंत्रिमंडल विस्तार से झटका

वहीं मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार से तटीय कर्नाटक को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं मंत्री यूटी खादर को छोडक़र किसी अन्य कांग्रेस विधायक या विधान परिषद सदस्य को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिससे क्षेत्र में खुशी से अधिक निराशा का माहौल है। वरिष्ठ नेता आरवी देशपांडे, विधान परिषद सदस्य मंजुनाथ भंडारी, आइवन डीसूजा तथा पुत्तूर विधायक अशोक राय भी मंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन किसी को भी मौका नहीं मिला। तीनों तटीय जिलों की 19 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के 6 विधायक होने के बावजूद केवल एक मंत्री का प्रतिनिधित्व मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष है।

सीएम की चेतावनी

वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नाराज बताए जा रहे कांग्रेस विधायकों को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई विधायक इस्तीफा देना चाहता है तो उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा। शिवकुमार ने मंत्री पद नहीं मिलने से विधायकों में नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस में पार्टी और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विधायक को इस्तीफा देने की इच्छा है तो वह दे सकता है, उसे स्वीकार करने में देरी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संगठन के फैसले और पार्टी की मर्यादा सभी नेताओं के लिए सर्वोपरि है।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक

ट्रेंडिंग