
दिलीप घोष का TMC पर वार (ANI)
Dilip Ghosh Attack on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बागी गुट ने दावा किया है कि पार्टी के चेयरपर्सन में बदलाव कर दिया गया है और अब अरूप रॉय (Arup Roy) को नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस दावे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस पर दिलीप घोष (Dilip ghosh) ने पार्टी पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर वार किया है।
दिलीप घोष ने इस पूरे विवाद पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह सब ड्रामा है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक सर्कस पार्टी की तरह है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ममता बनर्जी को चेयरपर्सन किसने बनाया और उन्हें हटाने का अधिकार किसके पास है।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने ममता बनर्जी को चेयरपर्सन के पद से हटाने पर कहा, ममता बनर्जी इस समय टीएमसी में सबसे छोटे गुट की नेता हैं। इसलिए मैंने उन्हें पहले ही टीएमसी के अंत की घोषणा करने के लिए कहा था। लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी… अभी समय है, वरना उन्हें भी टीएमसी से निलंबित कर दिया जाएगा। उनका कोई सम्मान नहीं बचेगा। इसलिए उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए। वह बूढ़ी हो चुकी हैं, उन्हें अब घर पर आराम करना चाहिए। राजनीति और टीएमसी में उनका अब कोई महत्व नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, TMC के कुछ बागी विधायक और नेता न्यू टाउन के एक होटल में इकट्ठा हुए। इसी बैठक में उन्होंने नई कार्यकारिणी बनाने का दावा किया। दावे के मुताबिक अरूप रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया। फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबिना यास्मीन को उपाध्यक्ष बनाया गया। रिताब्रता बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव घोषित किया गया और अखरुज्जमां अंसारी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बागी गुट का कहना है कि यह कदम पार्टी को नई दिशा देने के लिए उठाया गया है।
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को लेकर बागी गुट ने नरम रुख अपनाने की बात कही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें पार्टी में मुख्य सलाहकार की भूमिका देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यानी, ममता बनर्जी को पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है, बल्कि एक सलाहकार भूमिका में बनाए रखने की बात कही गई है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को लेकर हो रही है। बागी नेताओं ने उनके नेतृत्व और भूमिका पर सवाल उठाए हैं। एक नेता के बयान के मुताबिक, बैठक में अभिषेक बनर्जी का कोई जिक्र नहीं हुआ और यहां तक कहा गया अभिषेक कौन हैं? इस बयान ने TMC के अंदरूनी मतभेदों को और ज्यादा गहरा कर दिया है। इससे ये साफ है की चुनाव के बाद से ही अभिषेक बनर्जी को लेकर पार्टी में तनाव बढ़ गया है।
Published on:
23 Jun 2026 10:16 am
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