
फाइल फोटो पत्रिका
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने एक रेप मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। मामला इतना अनोखा है कि पीड़िता की शादी की रिसेप्शन वाली एक फोटो ने ही पूरी गुत्थी सुलझा दी। कोर्ट ने फोटो में 'बहुत खुश' नजर आ रही लड़की को देखकर सहमति का आधार माना और रेप व अपहरण के आरोपों को खारिज कर दिया। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया में सबूतों की भूमिका पर नई बहस छेड़ रहा है।
मामला 2022 का है। आरोपी युवक पर 18 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप और अपहरण का आरोप लगा था। पीड़िता के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दावा किया गया कि आरोपी ने लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण किया और शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामला सेशन कोर्ट पहुंचा। लेकिन सेशन कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
आरोपी ने हाई कोर्ट में अपील की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने एक अहम सबूत पेश किया – पीड़िता और आरोपी की शादी के रिसेप्शन की फोटो। यह फोटो 2023 में खींची गई थी, जब दोनों ने कोर्ट के आदेश पर शादी कर ली थी। फोटो में पीड़िता दुल्हन के लिबास में 200 मेहमानों के बीच मुस्कुराती और 'बहुत खुश' नजर आ रही थी। जस्टिस लिसा गिल की एकलपीठ ने फोटो का गहन विश्लेषण किया। कोर्ट ने कहा, 'फोटो में पीड़िता की खुशी स्पष्ट दिख रही है, जो जबरदस्ती या डर की स्थिति से मेल नहीं खाती।'
कोर्ट ने पीड़िता की नाबालिगता पर भी सवाल उठाए। अभियोजन पक्ष नाबालिगता साबित करने में नाकाम रहा, क्योंकि जन्म प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज पेश नहीं किए गए। इसके अलावा, दोनों के दो साल तक साथ रहने और फिर शादी करने के तथ्य ने सहमति की ओर इशारा किया। जस्टिस गिल ने फैसले में कहा, 'पीड़िता की शादी के बाद की खुशी और सामाजिक स्वीकृति से लगता है कि रिश्ता आपसी था। रेप का आरोप साबित नहीं होता।' कोर्ट ने सेशन कोर्ट के फैसले को पलट दिया और आरोपी को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
Updated on:
09 Dec 2025 08:55 pm
Published on:
09 Dec 2025 08:55 pm
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