
मणिपुर में उग्रवादियों में किया सरेंडर (ANI)
Manipur KCP surrender: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा और उग्रवाद को खत्म करने की कोशिशों में सुरक्षा बलों और राज्य सरकार को एक बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी - पीपल्स वॉर ग्रुप' (KCP-PWG) के 46 सक्रिय सदस्यों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
इम्फाल ईस्ट जिले के मंत्रीपुखरी गैरीसन में असम राइफल्स (साउथ) के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में, इन उग्रवादियों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और भारतीय सेना व असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने औपचारिक रूप से अपने हथियार सौंप दिए।
आत्मसमर्पण करने वाले सदस्य अपने साथ बड़ी मात्रा में घातक और अत्याधुनिक हथियार लाए थे, जिन्हें सुरक्षा बलों को सौंप दिया गया। रक्षा मंत्रालय (मणिपुर, नागालैंड और दक्षिणी अरुणाचल प्रदेश) के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) और प्रवक्ता के अनुसार, उग्रवादियों ने कुल 28 आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक जमा किए।
सरेंडर किए गए हथियारों में सीमा पार से तस्करी करके लाए गए खतरनाक ऑटोमैटिक AK-सीरीज की राइफलें और INSAS राइफलें शामिल थीं। साथ ही बख्तरबंद गाड़ियों और मजबूत ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम RPG (रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड) लॉन्चर एवं अन्य राइफलें और बंदूकें जैसे सेल्फ-लोडिंग राइफलें (SLR), कार्बाइन मशीन गन, .303 राइफलें, पिस्तौल और डबल- व सिंगल-बैरल बंदूकें शामिल हैं। इसके अलावा भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, मैगजीन, हैंड ग्रेनेड, IED, डेटोनेटर और वायरलेस सेट जैसे विस्फोटक और गोला-बारूद भी शामिल थे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर के नागरिक और युवा दशकों की हिंसा और अशांति से पूरी तरह थक चुके हैं और विकास व शांति की ओर बढ़ना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने ही राज्य और लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए हथियार उठाना समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं उन युवाओं के आज लिए गए साहसी फैसले का स्वागत करता हूं जिन्होंने मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है। राज्य सरकार, केंद्र के सहयोग से, यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य मिले।"
सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले सभी 46 कैडरों को उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवादियों के सरेंडर-सह-पुनर्वास के लिए संशोधित योजना, 2018 के तहत लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत, सरेंडर करने वाले युवाओं को समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद के लिए आर्थिक सहायता और फिक्स्ड डिपॉजिट की सुविधा दी जाएगी। उनके खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों की समीक्षा की जाएगी। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए, युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वरोज़गार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
Updated on:
21 Jul 2026 05:41 pm
Published on:
21 Jul 2026 05:29 pm
