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Manipur Violence : जांच के लिए बनेगा न्यायिक आयोग, CBI की स्पेशल टीम भी करेगी छह केसों की जांच – अमित शाह

Manipur Violence मणिपुर जातीय हिंसा की आग में बुरी तरह से झुलस गया है। केंद्र सरकार शांति बहाली में जुटा हुआ है। मणिपुर में शांति स्थापित करने के लिए अमित शाह ने आज इंफाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहाकि, मणिपुर हिंसा की जांच होगी। इसके लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा। हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस के नेतृत्व में यह जांच होगी। सीबआई भी हिंसा के छह केसों की जांच करेगी। कोई दंगाई नहीं बच पाएगा।

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अमित शाह आज इंफाल में करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

Amit Shah Press Conference Today तीन दिन में मणिपुर की जमीनी हकीकत और हिंसाग्रस्त इलाकों में हालात का जायजा लेने के बाद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि मणिपुर हिंसा की जांच होगी। इसके लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा। हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस के नेतृत्व में यह जांच होगी। सीबीआई भी हिंसा के छह केसों की जांच करेगी। शांति कमेटी का भी गठन होगा। कोई दंगाई नहीं बच पाएगा। अवैध हथियार जमा करा दें। काम्बिंग के दौरान अगर हथियार मिले तो सख्त कार्रवाई होगी। पीड़ितों को 10 लाख रुपए की सहायता की जाएगी। जिसमें 5 लाख रुपए राज्य सरकार और पांच लाख केंद्र सरकार के शामिल होंगे। मणिपुर में अपने शांति प्लान के बारे में बताते हुए अमित शाह ने कहाकि कोई भी दंगाई बच नहीं पाएगा। 29 अप्रैल को मणिपुर हाईकोर्ट के एक जल्दबाजी के फैसले के कारण यहां पर जातीय हिंसा और दो ग्रुप के बीच में हिंसा की शुरुआत हुई।

इंफाल में गृह मंत्री अमित शाह ने कहाकि इन 2 दिनों में मैंने मणिपुर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल और आहत लोगों से मिलने का प्रयास किया है। अधिकारियों के साथ भी बैठक की हैं...भारत सरकार हिंसा, हिंसा के कारण और हिंसा में किसकी ज़िम्मेदारी है इन सभी चीजों की जांच के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस स्तर के रिटायर्ड न्यायाधीश का न्यायिक आयोग गठित करके जांच करेगी।



भाजपा सरकार में मणिपुर कर्फ्यू और हिंसा मुक्त हो गया था

अमित शाह ने कहाकि पिछले 6 वर्षों से जब से मणिपुर में भाजपा की सरकार आई मणिपुर बंद, कर्फ्यू और हिंसा से मुक्त हो गया था। मणिपुर में डबल इंजन की सरकार ने विकास के सभी पैमानों में अभूतपूर्व सिद्धि हासिल की। पिछले 1 महीने में मणिपुर में हिंसक घटनाएं हुई हैं। जिन नागरिकों की हमल की हिंसा में मृत्यु हुई है उनके परिजनों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी, मेरी तरफ से और भारत सरकार की तरफ से संवेदना व्यक्त करता हूं।

बुधवार रात की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक

इससे पूर्व अमित शाह ने बुधवार रात एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे हिंसा को रोकने के लिए सशस्त्र बदमाशों के खिलाफ कड़ी और तेजी से कार्रवाई करें। और लूटे गए हथियारों को वापस लाने के लिए बरामद करें। अमित शाह ने बुधवार को दो हिंसा प्रभावित जिलों- तेंगनोपाल और कांगपोकपी का दौरा किया। जातीय हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर में शांति बहाली के लिए केंद्र शिद्दत से जुट गया है। इसी कवायद के तहत मणिपुर की चार दिवसीय यात्रा पर अमित शाह मणिपुर पहुंचे।

मोरेह-कांगपोकपी का अमित शाह ने लिया जायजा

मणिपुर की अपनी यात्रा के तीसरे दिन, अमित शाह ने बुधवार को मोरेह और कांगपोकपी का दौरा किया और नागरिक समाज संगठनों और सुरक्षा बलों के साथ व्यापक चर्चा की। अमित शाह ने अधिकारियों को "कड़ी और त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया ताकि हिंसा को रोका जा सके और लूटे गए हथियारों को बरामद किया जा सके।

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10 लाख का मुआवजा और नौकरी का ऐलान

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य में शांति स्थापति करना है। शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। मणिपुर सरकार ने ऐलान किया है कि, वह मणिपुर में जातीय संघर्ष में मरने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देगी। केंद्र व राज्य दोनों आधा-आधा खर्च उठाएंगे। साथ ही दंगे में मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी।

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