
Manipur Violence: मणिपुर मैतई और कुकी समुदाय के लोगों के बीच हो रही हिंसा ने कई इलाकों को किसी 'वॉर जोन' में बदल दिया है। बहुत सारे गांवों में बंकर बनाकर किसी संभावित हमले को टालने की तैयारी की गई है।

पत्रिका रिपोर्टर विकास ने इंफाल के पास मैतेई समुदाय के गांव सिगड़ा बंकर बनाकर सुरक्षा कर रह स्थानीय लोगों से बातचीत की है। गांव के लोगों ने रिपोर्टर को बाकायदा अपनी बंदूकें, रायफल और बुलेट्स भी दिखाई।

गांव के लोगों ने आबादी के चारों और खाई भी खोद रखी है। इसको देखने से साफ है कि हिंसा शुरू होने के बाद जिस तरह के खतरे बढ़े हैं, उसके चलते ये खाई खोदी गई हैं।

सिंगड़ी गांव के लोगों ने दिखाया कि किस तरह की तैयारी उन्होंने की है। हर बंकर में पॉलिथीन में बुलेट्स भरकर रखे हुए हैं। जिनको दिखाने में उन्होंने कोई हिचक नहीं दिखाई।

गांव के लोगों ने बताया कि बंकरों में तैनात लोग वायरलेस रेडियो सेट का इस्तेमाल करते हैं। वायरलेस के माध्यम से ही वो एक दूसरे से बात करते हैं और अपने-अपने बंकर की स्थिति की जानकारी देते हैं।

बंकरों में गांव के लोगों ने बंदूकें रखने और बुलेट रखने की जगह बना रखी हैं। गांव के पास ही बीएसएफ का कैंप भी है लेकिन लोग खुद ही अपनी सुरक्षा को संभाल रहे हैं।