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मणिपुर में बवाल : अमित शाह ने सीएम बीरेन सिंह को दिया हरसंभव मदद का आश्वासन, खरगे बोले – प्रदेश जल रहा है

Manipur violence मैती समुदाय मामले को लेकर Manipur violence हो गया है। कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। सेना के जवानों को तैनात किया गया है। RAF की पांच कंपनियां मुस्तैद हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह बात की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहाकि, मणिपुर जल रहा है। मैरी कॉम ने कहाकि, अभी स्थिति बहुत बुरी है। मामला लगातार बदल रहा है।

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मणिपुर में मचा बवाल, अमित शाह ने सीएम बीरेन सिंह को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन, खरगे बोले - मणिपुर जल रहा है

मैती समुदाय को एसटी में शामिल किए जाने के विरोध में तीन मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर (ATSUM) ने रैली निकाली। इस दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों में तोड़फोड़ की है। आदिवासी आंदोलन की वजह से मणिपुर के कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है। कई इलाकों में सेना के जवानों को तैनात किया गया है। एमएचए ने एयरलिफ्ट कर RAF की पांच कंपनियां मुस्तैद की। बताया जा रहा है कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से बात की है। और राज्य में स्थिति का जायजा लिया है। और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहाकि, मणिपुर जल रहा है। भाजपा ने समुदाय के बीच दरार पैदा कर दी है। भाजपा ने राज्य की शांति को नष्ट कर दिया। खरगे ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मणिपुर हिंसा पर बॉक्सर और पूर्व राज्यसभा सांसद मैरी कॉम ने कहाकि, अभी स्थिति बहुत बुरी है और मैं अच्छा महसूस नहीं कर रही हूं।

स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी - मणिपुर सीएम एन. बीरेन सिंह

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहाकि, 24 घंटे के बाद से कुछ जगहों पर झड़प और तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। ये घटनाएं हमारे समाज के दो वर्गों के बीच प्रचलित गलतफहमी का परिणाम हैं। राज्य सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी कदम उठा रही है।

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अमित शाह ने मणिपुर सीएम को दिया हरसंभव मदद का आश्वासन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से बात की है। और राज्य में स्थिति का जायजा लिया है, जहां जनजातीय समूहों द्वारा कई जिलों में रैलियां निकालने के बाद कानून व्यवस्था बाधित हुई है। RAF की कुछ कंपनियों को राज्य में भेजा गया है। हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में सेना और अर्धसैनिक बल पहले से ही वहां तैनात हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

मैरी कॉम की केंद्र-राज्य सरकार से अपील

मणिपुर हिंसा पर बॉक्सर और पूर्व राज्यसभा सांसद मैरी कॉम ने कहाकि, अभी स्थिति बहुत बुरी है और मैं अच्छा महसूस नहीं कर रही हूं। मैं राज्य और केंद्र सरकार से स्थिति के लिए कदम उठाने और राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपील करती हूं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस हिंसा में कुछ लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया।

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आठ जिलों में कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद

मणिपुर सरकार ने बताया कि, कई जिलों में पहले ही कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। आदेश में बताया गया कि राज्य में ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू हैं।

मणिपुर हाईकोर्ट का फैसला, मैती समुदाय को जनजातीय वर्ग में शामिल करने पर विचार करे राज्य सरकार

बीती 19 अप्रैल को मणिपुर हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि, सरकार को मैती समुदाय को जनजातीय वर्ग में शामिल करने पर विचार करना चाहिए और हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इसके लिए चार हफ्ते का समय दिया है। फैसले के विरोध में मणिपुर के बिशनुपुर और चंद्रचूड़पुर जिलों में हिंसा हुई है।

मैती समुदाय पर हुआ बवाल, जानें क्या है विवाद

मणिपुर में 60 प्रतिशत जनसंख्या मैती समुदाय की है। मैती समुदाय का कहना है कि, राज्य में म्यांमार और बांग्लादेश के अवैध घुसपैठियों की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा कानून के तहत उन्हें राज्य के पहाड़ी इलाकों में बसने की इजाजत नहीं है। यही वजह है कि, मैती समुदाय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें जनजातीय वर्ग में शामिल करने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट के फैसले का राज्य का जनजातीय वर्ग विरोध कर रहा है। जनजातीय वर्ग को डर कि, मैती समुदाय को अगर जनजातीय वर्ग में शामिल कर लिया जाता है तो वह उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा कर लेंगे।

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