16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गृह मंत्री अमित शाह का दावा, ऑपरेशन रेजपिल के तहत कैप्टनगन से 182 करोड़ बरामद

Amit Shah Social Media Post: गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन रेजपिल के तहत कैप्टागॉन ड्रग की 182 करोड़ रुपये की बड़ी खेप जब्त होने की जानकारी दी।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Devika Chatraj

May 16, 2026

Amit Shah

गृह मंत्री अमित शाह (X)

Amit Shah Announcment: अमित शाह ने शनिवार को जानकारी दी कि भारत में पहली बार प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग कैप्टागॉन (Captagon) की बड़ी खेप जब्त की गई है। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 182 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस ड्रग को वैश्विक स्तर पर अक्सर जिहादी ड्रग के नाम से भी जाना जाता है।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन रेजपिल (Operation Ragepill) के तहत की गई। उन्होंने इसे केंद्र सरकार के नशा विरोधी अभियान की बड़ी सफलता करार दिया।

मध्य-पूर्व भेजी जानी थी ड्रग्स की खेप

जानकारी के मुताबिक, जब्त की गई कैप्टागॉन खेप को मध्य-पूर्व के देशों में भेजने की तैयारी थी। मामले में एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।

पोस्ट में क्या लिखा?

अमित शाह ने अपने पोस्ट में लिखा कि मोदी सरकार ड्रग-फ्री इंडिया के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सरकार की जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट ड्रग्स नीति का स्पष्ट उदाहरण है।

भारत को ट्रांजिट रूट नहीं बनने देंगे-अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के लिए किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा, भारत में आने वाली या भारत के रास्ते बाहर भेजी जाने वाली ड्रग्स के हर ग्राम पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।

क्या है कैप्टागॉन ड्रग?

कैप्टागॉन एक प्रतिबंधित सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जिसका संबंध अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और पश्चिम एशिया के संघर्षग्रस्त इलाकों से जोड़ा जाता रहा है। कई रिपोर्ट्स में इसे आतंकवादी संगठनों और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली ड्रग बताया गया है, जिसके कारण इसे जिहादी ड्रग कहा जाता है।

भारत में तेज हुई एंटी-ड्रग कार्रवाई

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एजेंसियों ने समुद्री मार्गों, एयर कार्गो और अंतरराष्ट्रीय कूरियर नेटवर्क के जरिए हो रही ड्रग्स तस्करी पर निगरानी काफी बढ़ा दी है।यह कार्रवाई पिछले एक वर्ष में सामने आए कई बड़े एंटी-नार्कोटिक्स ऑपरेशनों की कड़ी मानी जा रही है।

मुंबई में भी हुई थी 1,745 करोड़ की कोकीन जब्ती

इसी महीने की शुरुआत में NCB ने मुंबई में करीब 1,745 करोड़ रुपये मूल्य की 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन जब्त की थी। एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई बॉटम-टू-टॉप जांच रणनीति के तहत की गई, जिसमें छोटी खेप से बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई।

पहले भी 200 करोड़ का ड्रग बरामद

इससे पहले भी मुंबई में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की हाई-ग्रेड कोकीन, गांजा और कैनबिस गमीज़ बरामद की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन नेटवर्क्स में विदेशों में बैठे ऑपरेटर्स और अंतरराष्ट्रीय कूरियर चैन शामिल थे।

2025 में अब तक 1,980 करोड़ की ड्रग्स जब्त

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक एनसीबी ने देशभर में 447 मामलों में करीब 1,980 करोड़ रुपये मूल्य के 1.33 लाख किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस दौरान 25 विदेशी नागरिकों सहित 994 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

2047 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य

शुक्रवार को आयोजित एक एंटी-नार्कोटिक्स कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को नशामुक्त बनाने का रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नशीला पदार्थ भारत की सीमा में प्रवेश न कर सके और न ही भारतीय क्षेत्र का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स ट्रांजिट रूट के रूप में हो।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग