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देसी खानपान से सुधर रहा देश के लोगों का स्वास्थ्य, 12% तक कम हुईं दवाइयां

Millets: देश में देसी खानपान की ओर लोगों का रुझाान तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते ऑर्गेनिक स्टोर्स और मिलेट्स का बाजार बढ़ रहा है। महिलाएं देसी खानपान को तवज्जो देने में पुरुषों के मुकाबले बहुत आगे हैं।

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Millets and Medicine

भारत में देसी खानपान से दवाइयों का बोझ कम हो रहा है। (AI Image)

Millet Foods: भारत में देसी खानपान की ओर रुझान तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 के हाल के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं में 70% और पुरुषों में 50% ने पारंपरिक आहार अपनाया है।

मिलेट्स का सेवन बढ़ा, दवाइयां का बोझ हुआ कम

Millet Foods benefits: एफएसएसएआई और आईसीएमआर की रिपोर्ट बताती हैं कि स्वास्थ्य जागरूकता से फास्टफूड छोड़कर मिलेट्स, हरी सब्जियां और जैविक उत्पादों का सेवन बढ़ा है। इससे दवाइयों का बोझ औसतन 12 फीसदी कम हुआ है।

22 से बढ़कर 64 बिलियन का हुआ Organic Food Market

लोगों के जीवनशैली में आ रहे बदलावों के चलते ऑर्गेनिक फूड मार्केट 64 बिलियन रुपये तक पहुंचा, जो 2021 के 22 बिलियन से चार गुना अधिक है।

इन राज्यों में ऑर्गेनिक स्टोर्स की संख्या बढ़ी

Organic Food Store: राज्यों में ऑर्गेनिक स्टोर्स की संख्या 2024-25 में 1500 से अधिक बढ़ी। इनमें महाराष्ट्र सबसे आगे (800 स्टोर्स, मुंबई और पुणे जिलों में 500), उसके बाद गुजरात (600, अहमदाबाद में 300)। मध्य प्रदेश (400) और कर्नाटक (300) भी प्रमुख हैं।

Organic Farming पर 50% सब्सिडी दे रही केंद्र सरकार

केंद्र सरकार की परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) 50% सब्सिडी पर जैविक खेती को बढ़ावा दे रही, जबकि राजस्थान ऑर्गेनिक फार्मिंग मिशन से ग्रामीण जैविक बाजारों के लिए 100 करोड़ का बजट है।

Millets Production में राजस्थान सबसे आगे

मिलेट्स उत्पादन में राजस्थान 27%, कर्नाटक 18% और महाराष्ट्र 15% योगदान दे रहे हैं। मिलेट्स प्रोटीन-फाइबर से भरपूर होते हैं। इन बदलावों से एक ओर मेडिकल खर्च 15% घट गया और दूसरी ओर इससे सस्टेनेबल कृषि को मजबूती मिली है।

जैविक उत्पाद खरीदने में महिलाएं आगे

राकुटेन इनसाइट सर्वे 2023 के अनुसार, 29% महिलाएं स्वास्थ्य लाभों जैसे डायबिटीज नियंत्रण के लिए हमेशा जैविक उत्पाद खरीदती हैं। वहीं 20 फीसदी पुरुष ही जैविक उत्पाद खरीदते हैं। हालांकि शहरी क्षेत्रों में 45% युवा मिलेट्स-आधारित व्यंजन अपना रहे। आईसीएमआर 2024 रिपोर्ट कहती है कि महिलाओं में इससे कुपोषण 25% तक घटा है, जबकि पुरुषों में हृदय रोग जोखिम 15% तक कम हुआ। यह ट्रेंड ई-कॉमर्स से तेजी पकड़ रहा।

किस राज्य में कितने ऑर्गेनिक स्टोर बढ़े

वर्ष 2024-25 में ऑर्गेनिक स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1500+ हो चुकी है। महाराष्ट्र में 800 खुले (मुंबई 300, पुणे 200), गुजरात में 600 (अहमदाबाद 300, सूरत 150)। मध्य प्रदेश 400 (इंदौर 150, भोपाल 100), कर्नाटक 300 (बेंगलुरु 200)। तमिलनाडु 250 (चेन्नई 150), राजस्थान 200 (जयपुर 100)। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र और उसके जिलों में, जहां एपीडा प्रमाणन से 40 फीसदी वृद्धि हुई। ये स्टोर्स जैविक सब्जियां-फल बेच रहे, किसानों को 30% अधिक आय दे रहे।

देश मे तेजी से बढ़ा मिलेट्स का उपयोग

मिलेट्स का उत्पादन वर्ष 2024 में 15.48 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में हुआ। राजस्थान 27% (बाजरा-ज्वार प्रमुख), कर्नाटक 18% (रागी 60% हिस्सा), महाराष्ट्र 15% (नाचनी भाकरी लोकप्रिय)। गुजरात के 12% और उत्तर प्रदेश की 10% भूमि पर मिलेट्स की पैदावर ली गई। एपीडा डेटा से 2025 में खपत 25% बढ़ी, प्रोटीन-फाइबर से डायबिटीज 14% कम। राजस्थान मिलेट प्रोत्साहन योजना से किसानों को 30% सब्सिडी, कर्नाटक सिरिधन्य ब्रांड से निर्यात दोगुना। ये राज्य सस्टेनेबल फार्मिंग से जल संरक्षण कर रहे।