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PFI सहित 9 देशविरोधी संगठनों पर बैन, यूपी, असम सहित कई राज्यों के CM ने फैसले का किया स्वागत

गृह मंत्रालय ने PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) सहित 9 संगठनों पर बैन लगा दिया है। देशभर में पिछले कई दिनों से PFI से जुड़े सदस्यों पर छापेमारी की जा रही थी, जिसके बाद भारत सरकार के द्वारा यह बड़ी कार्रवाई की गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले का यूपी, असम सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री ने स्वागत किया है।
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Abhishek Kumar Tripathi

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Updated: 28 Sep 2022, 12:44 PM IST

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Ministry of Home Affairs banned PFI for 5 years, 8 other organizations including RIF also took action on allegations of terror link

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को गृह मंत्रालय ने 5 साल के लिए देश में बैन लगा दिया है। देश में पिछले कई दिनों से PFI के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी, जिस दौरान अलग-अलग राज्यों से 127 से अधिक PFI के सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद आज गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन करके PFI को गैरकानूनी संगठन घोषित करते हुए अगले पांच साल के लिए बैन लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छापेमारी के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को PFI के खिलाफ कई अहम सबूत हाथ लगें हैं।

PFI के साथ 8 अन्य संगठनों को गृह मंत्रालय गैरकानूनी घोषित करते हुए बैन लगा दिया है, जिसमें कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO), जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, नेशनल वीमेन फ्रंट शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: 'देश के अंदर बैठे दुश्मन ज्यादा खतरनाक', हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा- PM चला रहे शुद्धीकरण अभियान, हर भारतवासी उनके साथ

मोदी युग का भारत निर्णायक और साहसिक निर्णय
PFI सहित 9 देशविरोधी संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंध का उत्तरप्रदेश, असम, हरियाणा सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्वागत किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि "मैं भारत सरकार द्वारा PFI पर लगे प्रतिबंध का स्वागत करता हूं। उन्होंने इसे मोदी युग का भारत निर्णायक और साहसिक निर्णय बताया।

PFI पर प्रतिबंध लगाना सराहनीय व स्वागत योग्य, यह 'नया भारत'
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ट्वीट करते हुए कहा कि "राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल PFI और उससे जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध लगाना सराहनीय कदम है। यह 'नया भारत' है, यहां आतंकी, आपराधिक और राष्ट्र की एकता, अखंडता व सुरक्षा के लिए खतरा बने संगठन एवं व्यक्ति स्वीकार्य नहीं हैं।

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22 सितंबर को 13 राज्यों में छापेमारी, 106 PFI के सदस्यों गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) 22 सितंबर को देश के 13 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ छापेमारी की थी। इस दौरान PFI के 106 सदस्यों को गिरफ्तार भी किया गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस छापेमारी के दौरान NIA के हाथ टेरर फंडिंग, टेरर मॉड्यूल तैयार करने, सिमी सहित कई आतंकी संगठनों के साथ संबंध रखने के साथ ही कई अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े दस्तावेज हाथ लगे हैं।

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बीते दिन मंगलवार को भी PFI के ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
बीते दिन मंगलवार को NIA, यूपी ATS और यूपी STP ने उत्तरप्रदेश सहित 8 राज्यों में PFI के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 170 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। PFI सोशल मीडिया के जरिए लगातार युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने के लिए काम कर रहा था, जिसके कारण उत्तरप्रदेश ने पहले ही इस पर बैन लगाने की मांग की थी।

ISIS सहित कई आतंकी संगठनों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधी फैलाने के लिए काम कर रहा था PFI
गृह मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि PFI, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) जैसे कई आतंकी संगठनों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है, जिसकी पुष्टि करते हुए कई अहम सबूत जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं।

PFI के निशाने पर थी प्रधानमंत्री मोदी की रैली
PFI का सदस्य शफीक पायेथ को NIA ने गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ के दौरान बताया कि इसी साल 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना रैली में हमला करने की योजना थी। इसके लिए ट्रैनिंग कैंप भी लगाया गया था।

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