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‘हमारी खोपड़ी सनक गई तो ब्रह्मोस चलेगा’: बिलावल भुट्टो की युद्ध की धमकी पर मिथुन चक्रवर्ती का तीखा जवाब

सिंधु जल संधि पर बिलावल भुट्टो के कथित बयान पर भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक जाएगी तो फिर एक के बाद एक ब्रह्मोस चलेगा।

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भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती (Photo - IANS)

सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो जरदारी की कथित टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने चेतावनी दी है। अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती की यह टिप्पणी भुट्टो के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंधु नदी पर हमले की घोषणा करते हैं, तो वे हमारे इतिहास, संस्कृति और सभ्यता पर हमला करेंगे… पाकिस्तान के लोगों में युद्ध की स्थिति में मोदी का सामना करने की ताकत है। भुट्टो ने कथित तौर पर यह भी चेतावनी दी कि अगर एक और युद्ध हुआ तो पाकिस्तान अपनी सभी छह नदियों को बहाल कर देगा। बता दें कि जरदारी इससे पहले 2022 से 2023 तक पाकिस्तान के 37वें विदेश मंत्री थे।

'पाकिस्तान के लोग अच्छे हैं, वे भी युद्ध नहीं चाहते'

चक्रवर्ती ने जवाब दिया कि अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई, तो फिर एक के बाद एक ब्रह्मोस चलेगा। उसके बाद, हम बांध खोल देंगे और सुनामी आ जाएगी। मुझे पाकिस्तान के लोगों से कोई शिकायत नहीं है। मैंने यह सब (भुट्टो) से कहा है। उन्होंने अपनी टिप्पणी की शुरुआत नरम लहजे में की, मैं पाकिस्तान देश के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहता। पाकिस्तान के लोग अच्छे हैं, वे भी युद्ध नहीं चाहते।

पहलगाम आतंकी हमले में हुई थी 26 लोगों की मौत

चक्रवर्ती की यह टिप्पणी 1960 की सिंधु जल संधि को लेकर नए सिरे से उपजे तनाव के बीच आई है। भारत ने इससे पहले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद इस संधि को निलंबित कर दिया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

पहले भी दे चुके हैं भड़काऊ बयान

यह पहली बार नहीं है जब चक्रवर्ती अपने भड़काऊ बयानों के लिए विवादों के केंद्र में रहे हैं। 2024 में उन्हें एक भाषण के लिए पुलिस शिकायत का सामना करना पड़ा था जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, हम उन्हें (काटकर) ज़मीन में गाड़ देंगे। वह पश्चिम बंगाल सरकार के भी मुखर आलोचक रहे हैं और कथित राजनीतिक हिंसा की घटनाओं के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं।