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TVK कैंडिडेट VS बाबू का इलेक्शन रद्द किया जाए- MK स्टालिन ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा

TVK vs DMK Kolathur Election Controversy: एमके स्टालिन ने कोलाथुर सीट पर TVK के वीएस बाबू की जीत को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने वोटिंग मशीनों में खराबी और VVPAT मशीनों से जुड़ी गड़बड़ियों का हवाला देते हुए दोबारा वोटों की गिनती करने की मांग की।
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TVK vs DMK

फोटो में कोलाथुर सीट से TVK विधायक वीएस बाबू और डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (सोर्स: ANI)

Kolathur Election EVM Controversy: तमिलनाडु की राजनीति में कोलाथुर सीट को लेकर नया मोड़ आ गया है। 2026 विधानसभा चुनाव (Kolathur Election) में अपने गढ़ से हारने के बाद डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अब हाई कोर्ट पहुंच गए हैं।

उन्होंने TVK उम्मीदवार वीएस बाबू की जीत को चुनौती दी है। स्टालिन ने चुनाव में कथित गड़बड़ियों का हवाला दिया है। उन्होंने सीट पर दोबारा वोटों की गिनती कराने की मांग की है। साथ ही वीएस बाबू का चुनाव रद्द करने और खुद को विजेता घोषित करने की मांग भी की है।

8,795 वोटों से हारे थे स्टालिन

बता दें 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कोलाथुर सीट (Kolathur Election) पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा था। इस सीट से एमके स्टालिन लगातार तीन बार विधायक रह चुके थे। लेकिन इस बार उन्हें TVK के वीएस बाबू ने हरा दिया। बाबू ने स्टालिन को 8,795 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। यह स्टालिन के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया। वह लगातार चौथी बार कोलाथुर से जीत दर्ज नहीं कर सके। हालांकि, चुनाव नतीजे आने के बाद स्टालिन ने वोटर्स का धन्यवाद किया था। उन्होंने डीएमके गठबंधन को मिले वोटों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, गठबंधन को 1.54 करोड़ से ज्यादा वोट मिले थे।

वीएस बाबू ने बताया जीत का कारण

चुनाव जीतने के बाद वीएस बाबू ने अपनी जीत का श्रेय पार्टी प्रमुख विजय को दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपने जुड़ाव को भी बड़ी वजह बताया। बाबू ने कहा कि तमिलनाडु के लोग बदलाव चाहते थे। इसी वजह से उन्हें समर्थन मिला।

उन्होंने खुद को कोलाथुर का स्थानीय निवासी बताया। बाबू के मुताबिक, वह इसी इलाके में पैदा हुए और पले-बढ़े हैं। इसलिए वह स्थानीय लोगों की जरूरतों और उनकी समस्याओं को बेहतर समझते हैं। बाबू ने स्टालिन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्टालिन कोलाथुर (Kolathur Election) में स्थानीय लोगों से उस तरह जुड़े नहीं हैं, जैसा एक जनप्रतिनिधि को होना चाहिए। अब स्टालिन की चुनाव याचिका के बाद कोलाथुर का चुनावी मुकाबला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।

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