
मानसून सत्र के बीच मीडिया कवरेज पर सियासी विवाद। फोटो सोर्स-IANS
Karnataka BJP Media Discrimination: कर्नाटक के वरिष्ठ बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) आर. अशोक ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष जी.एस. पाटिल को पत्र लिखकर विधानसभा के जारी मानसून सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं और विधायकों के बयानों, तस्वीरों और वीडियो जारी करने में कथित भेदभाव पर हस्तक्षेप की मांग की।
आर. अशोक ने मीडिया के लिए जारी किए गए अपने पत्र में आरोप लगाया कि 13 अगस्त से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान विधानसभा की कार्यवाही से जुड़े विपक्ष के नेता और विपक्षी विधायकों के बयान, फोटो और वीडियो कथित तौर पर जारी नहीं किए जा रहे हैं।
अशोक के अनुसार, विधानसभा से विपक्षी सदस्यों के बयान, तस्वीरें और वीडियो कथित तौर पर जारी नहीं किए जाने के कारण प्रिंट मीडिया में उनकी तस्वीरें और टेलीविजन चैनलों पर उनके वीडियो प्रसारित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे विपक्षी नेताओं और विधायकों को मीडिया कवरेज में कम जगह मिल रही है।
बीजेपी नेता ने अपने पत्र में दावा किया कि इसके विपरीत मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के विधायकों के बयान, तस्वीरें और वीडियो जारी किए जा रहे हैं। इससे सत्तापक्ष को मीडिया में अधिक दृश्यता मिल रही है। अशोक ने इसे विधानसभा की कार्यवाही की मीडिया कवरेज में भेदभाव बताया और कहा कि इस तरह का भेदभाव पहले कभी नहीं हुआ
आर. अशोक ने विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने स्पीकर से संबंधित सूचना विभाग के अधिकारियों को विधानसभा से जारी होने वाली मीडिया सामग्री में कथित असमानता को दूर करने का निर्देश देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा से जुड़ी मीडिया सामग्री तक दोनों पक्षों की समान पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अशोक ने अपने पत्र में चेतावनी दी कि यदि इस कथित भेदभाव को दूर नहीं किया गया तो विपक्ष संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव ला सकता है। उन्होंने स्पीकर से तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग दोहराई।
बीजेपी नेता का यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। इस दौरान विपक्ष कांग्रेस सरकार के खिलाफ कई मुद्दे उठा रहा है और सरकार के विभिन्न फैसलों पर सवाल कर रहा है। आर. अशोक ने विधानसभा अध्यक्ष से दोनों पक्षों के सदस्यों के लिए समान मीडिया व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा से संबंधित मीडिया सामग्री तक समान पहुंच जनता के सामने सदन के दोनों पक्षों के प्रतिनिधित्व को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जरूरी है।
Updated on:
24 Aug 2026 04:33 pm
Published on:
24 Aug 2026 04:33 pm
