
गुजरात के मंत्री प्रफुलकुमार नारनभाई पंसुरिया। (फोटो- X)
गुजरात मंत्रिमंडल में शुक्रवार को बड़ा फेरबदल हुआ है। इस बीच, गुजरात के मंत्री प्रफुलकुमार नारनभाई पंसुरिया ने शुक्रवार को कहा कि कल दिया गया मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। अब मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे स्वीकार करूंगा। पार्टी आलाकमान का हर फैसला मुझे मंजूर है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक लविंगजी ठाकोर ने कहा कि भाजपा हर समुदाय का समान रूप से सम्मान करती है और पार्टी में पूरा विश्वास रखती है। आज मुझे मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण मिला है, इसलिए मैं वहां आकर बहुत खुश हूं।
उन्होंने आगे कहा कि क्षत्रिय समुदाय के कई लोगों को मंत्री बनाया गया है। भाजपा जिसे भी मंत्री बनाए, हम बहुत खुश हैं। मुझे भाजपा पर पूरा भरोसा है, जो मेरा मानना है कि हर समुदाय का समान रूप से सम्मान करती है।
एक दिन पहले, गुजरात मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नया मंत्रिमंडल 17 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शपथ लेगा।
गुजरात में अधिकतम 27 मंत्री हो सकते हैं। भाजपा का लक्ष्य इनमें से अधिक पदों को भरना है। गुजरात मंत्रिमंडल में कुल 17 (मुख्यमंत्री सहित) मंत्री शामिल थे, जिनमें 8 कैबिनेट मंत्री और 8 राज्य मंत्री थे।
माना जा रहा है कि यह फेरबदल भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है। विधानसभा चुनाव से भाजपा प्रदेश में अपनी साख को और मजबूत करना चाहती है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रतजी समारोह के दौरान राज्य मंत्रिमंडल के इस विस्तार में शामिल मनोनीत मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(ए) के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल में विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। मंत्रियों (मुख्यमंत्री सहित) की न्यूनतम संख्या 12 है।
मंत्रिमंडल विस्तार को प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार करने और गुजरात में भाजपा के शासन ढाँचे को मज़बूत करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
Updated on:
17 Oct 2025 11:52 am
Published on:
17 Oct 2025 11:52 am
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