24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गुजरात में नई कैबिनेट का गठन आज, 2 डिप्टी सीएम समेत 26 मंत्री ले सकते हैं शपथ

गुजरात में भूपेंद्र पटेल की नई कैबिनेट का आज शपथ ग्रहण होगा। गुरुवार को कैबिनेट की सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। जानिए इसकी सियासी वजह...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pushpankar Piyush

•

Updated: 17 Oct 2025, 6:49 AM IST

गुजरात सीएम भूपेंद्र पटेल (Photo-IANS)

देश के पूर्वी हिस्से बिहार में विधानसभा चुनाव है, लेकिन गुरुवार को सियासी घटनाक्रम तेजी से देश के पश्चिमी राज्य गुजरात में बदला। यहां सीएम भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। आज नई कैबिनेट की शपथ होगी। जानकारी के मुताबकि नई कैबिनेट में 2 डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। वहीं, 26 मंत्री बनाए जाने की भी संभावना है। इससे पहले गुजरात कैबिनेट में सीएम समेत 17 मंत्री थे, जिसमें 8 कैबिनेट और 8 राज्य मंत्री (MoS) थे। इसे राज्य में साल 2027 में होने वाले चुनाव से जोड़कर देखा रहा है।

दो से तीन पुराने नामों की हो सकती है वापसी

भूपेंद्र पटेल पहली बार सितंबर 2021 में सीएम बने थे। तत्कालीन सीएम विजय रुपाणी को अचानक हटाकर उन्हें सीएम बनाया गया था। फिर विधानसभा चुनाव (2022) में जीत दर्ज करने के बाद उन्हें सीएम बनाया गया। पटेल के नए मंत्रिमंडल में दो से तीन पुराने मंत्रियों की वापसी हो सकती है।

क्यों किया गया है ये फेरबदल

सियासी जानकारों की माने तो पार्टी हाईकमान को भूपेंद्र कैबिनेट में मौजूद मंत्रियों का जमीनी फीडबैक खराब मिला है। वह हाईकमान की उम्मीदों पर भी खरे नहीं उतरे। विसावदर विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कैंपेन के बावजूद भाजपा AAP के गोपाल इटालिया को हरा नहीं पाई। माना जा रहा है कि बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर की आहट महसूस होने लगी है।

चर्चा है कि विसावदर की सीट हारने के बाद भाजपा नए सिरे से तैयारियों में जुट गई है। माना जा रहा है कि भाजपा में ताकतवर माने जाने वाले लेकिन लंबे समय से किसी न किसी वजह से दरकिनार किए गए नेताओं को अब बड़े पद दिए जाएंगे और नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी।

साल के अंत में होने हैं मनपा-निकाय चुनाव: गुजरात में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। लेकिन, इससे पहले यानी दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में मनपा और नगर निकाय चुनाव होंगे। इसे जीतना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है।