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मोदी कैबिनेट में एक और बदलाव, किरण रिजिजू के बाद उनके डिप्टी एसपी बघेल का भी बदला गया मंत्रालय

Modi Cabinet Reshuffle: केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू के बाद अब उनके डिप्टी का पोर्टफोलियो भी बदल दिया गया है। गुरुवार दोपहर बाद राष्ट्रपति की ओर से आदेश जारी कानून राज्यमंत्री एसपी बघेल का मंत्रालय बदलने की जानकारी दी गई।

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किरण रिजिजू के बाद उनके डिप्टी एसपी बघेल का भी बदला गया मंत्रालय

किरण रिजिजू के बाद उनके डिप्टी एसपी बघेल का भी बदला गया मंत्रालय

Modi Cabinet Reshuffle: गुरुवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल में अचानक फेरबदल हुए। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को पोर्टफोलियो बदलते हुए उन्हें पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का भार दिया गया। रिजिजू के बदलाव के बाद अब उनके डिप्टी रहे कानून राज्यमंत्री एसपी बघेल का मंत्रालय भी बदल दिया गया है। कानून राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को अब कानून मंत्रालय से हटाकर स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एसपी सिंह बघेल को कानून और न्याय मंत्रालय के स्थान पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया है। सत्यपाल सिंह बघेल आगरा से लोकसभा के सांसद हैं।



अब अर्जुन राम मेघवाल देंखेगे कानून मंत्रालय

मालूम हो कि किरण रिजिजू की जगह अब कानून मंत्रालय अर्जुन राम मेघवाल को दिया गया है। इसलिए दूसरे राज्य मंत्री का वहां से अब ट्रांसफर कर दिया गया है। किरेन रिजिजू की जगह लेने से पहले अर्जून राम मेघवाल संसदीय कार्य राज्यमंत्री थे। अब वो कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का कामकाज भी देंखेगे। रिजिजू अब पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का प्रभार संभालेंगे।

2021 को कानून मंत्री बने थे किरण रिजिजू

रिजिजू के मंत्रालय में हुए बदलाव को उनके न्यायिक नियुक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के साथ लगातार टकराव को कारण बताया जा रहा है। मालूम हो कि रिजिजू सात जुलाई, 2021 को कानून मंत्री बने थे। उस समय खेल मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री रिजिजू को बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद के इस्तीफे के बाद यह जिम्मेदारी मिली थी।



कॉलेजियम की आलोचना रिजिजू को पड़ी भारी

कानून मंत्री के तौर पर रिजिजू सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली की कई बार आलोचना की थी। उन्होंने जजों को एंटी इंडिया गैंग का हिस्सा तक कहा था। साथ ही समान नागरिक संहिता को लागू करवाने में भी रिजिजू सफल नहीं हो सके थे। ऐसे में उनके पोर्टफोलियो में बदलाव किए जाने की बात कही गई है।

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