
morbi bridge tragedy
गुजरात जिले में मोरबी पुल ढहने की त्रासदी में सभी पीड़ितों को निकाल लिया गया है और कोई भी लापता नहीं है। बीते रविवार को मोरबी कस्बे में एक केबल पुल के गिरने से कम से कम 135 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए। ब्रिज टूटने के बाद लोग माच्छू नदी में गिर गए थे। अधिकारियों के अनुसार, बताया कि इससे पहले बुधवार को मोरबी जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि हादसे में एक व्यक्ति लापता है लेकिन पुलिस सत्यापन में यह सूचना असत्य पाई गई है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कमांडेंट प्रसन्न कुमार ने जिला प्रशासन से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बुधवार को कहा था कि एक या दो लोग लापता हैं और बचाव अभियान अभी भी जारी है। हादसे के नौ में से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पांच अभी भी फरार हैं।
गुजरात पुलिस ने पुल ढहने की त्रासदी के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार ओरेवा समूह के नौ लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 और 308 (गैर इरादतन हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस हिरासत में चार व्यक्तियों में से दो ओरेवा कंपनी के प्रबंधक हैं, जिसने सात महीने के रखरखाव के काम के बाद पुल को आगंतुकों के लिए खोल दिया, और अन्य दो निर्माण कार्य ठेकेदार के लोग हैं।
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चल रही जांच पर बोलते हुए मोरबी एसपी राहुल त्रिपाठी ने कहा, हम अपनी हिरासत में सभी 4 आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं और हम पुल के नवीनीकरण में विभिन्न प्रकार की खामियों के दायित्व को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। हम पूरी तरह से कर रहे हैं। जांच की जाएगी और अगर किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा।
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राहुल त्रिपाठी ने कहा कि हां, हमने अदालत को एक वैज्ञानिक रिपोर्ट दी है, लेकिन उसका विवरण इस स्तर पर आपके साथ साझा नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे हमारी जांच में बाधा आएगी। गुजरात में बुधवार को राज्यव्यापी शोक मनाया गया और राज्य के सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ था।
गुजरात के मोरबी में रविवार शाम करीब 6.30 बजे केबल सस्पेंशन ब्रिज टूटने से करीब 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए थे। यह पुल बीते 6 महीने से बंद था। दिवाली के एक दिन बाद इसे आम लोगों के लिए खोला गया। ब्रिज की क्षमता करीब 100 लोगों की थी, लेकिन रविवार को इस पर करीब 500 लोग आ गए। मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 142 साल से भी ज्यादा पुराना है।
Published on:
04 Nov 2022 09:07 am
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