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मुंबई की बेटी ने रचा इतिहास! यूरोप में तिरंगा लहराकर जीता ‘स्वर्ण पदक’

European Girls Mathematical Olympiad: मुंबई की श्रेया शांतनु मुंधाडा ने 14वें यूरोपीय गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड (EGMO 2026) में इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीता है।

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Mumbai Girl Gold Medal

Mumbai Girl Gold Medal

Mumbai Girl Gold Medal: मुंबई की श्रेया शांतनु मुंधाडा फ्रांस के बोर्डो में आयोजित 15वें यूरोपीय गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड (ईजीएमओ) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय लड़की बनकर इतिहास रच दिया है। चार सदस्यीय भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य अपनी नाम किया है। लड़कियों के लिए आयोजित इस वैश्विक गणित प्रतियोगिता में देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।

भारतीय टीम की अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग

भारत की अनौपचारिक टीम रैंकिंग 67 में से 6 है, जो इसकी शुरुआत के बाद से सर्वश्रेष्ठ है। यह ईजीएमओ में भारत की अब तक की सर्वोच्च टीम रैंकिंग है। भारत की ओलंपियाड टीमों को प्रशिक्षित करने वाले होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई-टीआईएफआर) ने इस प्रतिष्ठित वैश्विक गणितीय प्रतियोगिता में उल्लेखनीय उपलब्धियों का वर्ष बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव का क्षण है।

दूसरी बार पूरी महिला टीम ने लिया हिस्सा

आपको बता दें कि ईजीएमओ में भारत की पूरी महिला टीम की भागीदारी केवल दूसरी बार थी। इससे पहले भारत 2015 से अतिथि राष्ट्र के रूप में ईजीएमओ में भाग ले रहा है, टीम के सदस्यों में हमेशा एक पुरुष सदस्य होता था। लेकिन पिछले साल से सदस्यों और पर्यवेक्षकों सहित पूरी टीम में सभी महिलाएं हैं।

संजना ने रजत और शिवानी ने कांस्य जीता

केरल की संजना फिलो चाको ने रजत पदक और तमिलनाडु की शिवानी भरत कुमार ने कांस्य पदक जीतकर टीम के पदक तालिका को और मजबूत किया। कोलकाता की श्रीमोई बेरा भी चार सदस्यीय टीम का हिस्सा थीं। दल का मार्गदर्शन डॉ. वैदेही थाट्टे (टीम लीडर), डॉ. मृदुल थाट्टे (उप लीडर) और पर्यवेक्षक अदिति मुथखोद ने किया।

67 देशों के 260 विद्यार्थियों ने लिया भाग

इस साल के आयोजन में 67 देशों के 260 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 41 यूरोपीय देश शामिल थे। भारत का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल युवा गणितज्ञों की बढ़ती क्षमता को रेखांकित करता है, बल्कि उन्नत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में लड़कियों की अधिक भागीदारी की दिशा में एक सशक्त बदलाव का संकेत भी देता है।

एचबीसीएसई राष्ट्रीय ओलंपियाड परीक्षा आयोजित करता है, जो उम्मीदवारों के लिए विभिन्न चरणों से आगे बढ़ने और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाडों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली अंतिम टीम में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करने का द्वार है।