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‘पाकिस्तान के असली लीडर PM नहीं!’ फवाद चौधरी ने बताया कौन है ‘रियल बॉस’

Asim Munir vs Shehbaz Sharif: पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आसिम मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बारे में बात तक नहीं की।

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Shehbaz Sharif

Shehbaz Sharif

Pakistan Real Power: पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी इन दिनों अपने बयान को लेकर सुर्खियों में छाए हुए है। फवाद ने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख को लेकर ऐसा कह दिया जिसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। उन्होंने कहा कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर देश के वास्तविक नेता हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक निर्णय लेने का अधिकार वर्तमान में सैन्य नेतृत्व के पास है।

सेना प्रमुख आसिम मुनीर ही पाकिस्तान के वास्तविक नेता

फवाद चौधरी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बारे में बात तक नहीं की, जो देश की सत्ता संरचना में सेना की प्रमुख भूमिका को रेखांकित करता है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर ही पाकिस्तान के वास्तविक नेता हैं। फिलहाल निर्णय लेने का अधिकार सेना प्रमुख- फील्ड मार्शल के पास है। चौधरी ने हाल ही में इस्लामाबाद वार्ता के दौरान पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही।

ट्रंप ने नहीं शहबाज शरीफ का नाम

पूर्व मंत्री चौधरी ने आगे कहा कि फिलहाल, कल भी, अगर आप देखें तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया और शहबाज शरीफ का नाम तक नहीं लिया। इससे यह बिल्कुल स्पष्ट हो जाता है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ही पाकिस्तान के वास्तविक नेता हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है।

अमेरिका और ईरान वार्ता का किया जिक्र

आपको बता दें कि पिछले सप्ताह पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को सुलझाने के लिए इस्लामाबाद में वार्ता आयोजित करने हेतु अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। पूर्व मंत्री ने कहा कि अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष का पाकिस्तान पर आर्थिक प्रभाव कहीं अधिक है और पाकिस्तानी विदेशी मुद्रा भंडार महंगे आयात को वहन करने में असमर्थ है।

युद्ध का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भारी असर

चौधरी ने कहा कि युद्ध समाप्त होना चाहिए और हमें सामान्य जीवन में लौटना चाहिए। पाकिस्तान पर आर्थिक प्रभाव स्पष्ट रूप से कहीं अधिक है क्योंकि, जैसा कि आप जानते हैं, हमारे विदेशी मुद्रा भंडार पर इतना दबाव है कि हम इतने महंगे आयात का खर्च वहन नहीं कर सकते। और, जैसा कि आप जानते हैं, तेल और गैस की कीमतें वास्तव में बढ़ गई हैं। पाकिस्तान के लोग, विशेषकर मध्यम वर्ग, पहले से ही इसकी मार झेल रहे हैं और स्थिति कठिन होती जा रही है, वास्तव में बहुत कठिन।