
Iran supertanker
Iran supertanker: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चुनौती दी है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के बुधवार के दावों के अनुसार, प्रतिबंधित ईरान के एक सुपरटैंकर ने कथित तौर पर सक्रिय अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को पार कर ईरान के इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर प्रस्थान किया है।
इस पोत की पहचान एक विशाल कच्चे तेल वाहक के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि इसमें दो मिलियन बैरल कच्चे तेल के परिवहन की क्षमता है। हालांकि, एजेंसी ने कथित तौर पर कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि टैंकर अपने माल के साथ लौट रहा था या खाली था। रिपोर्टों में जहाज-ट्रैकिंग डेटा का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि खाद्य सामग्री ले जाने वाला एक और जहाज खाड़ी में प्रवेश कर चुका है।
खबरों के मुताबिक, यह जहाज इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर जा रहा है, क्योंकि तेहरान मौजूदा नौसैनिक प्रतिबंधों के बीच वस्तुओं और आवश्यक सामानों दोनों के लिए अपनी आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, सफल पारगमन की ये रिपोर्टें वाशिंगटन से प्राप्त आधिकारिक सैन्य आकलन के बिल्कुल विपरीत हैं।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान के बंदरगाहों की पूर्ण नाकाबंदी सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। अमेरिकी सेना ने प्रमुख क्षेत्रीय जलमार्गों, विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री वर्चस्व स्थापित कर लिया है। एक बयान में, सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि नाकाबंदी शुरू करने के महज 36 घंटों के भीतर, अमेरिकी सेना ने ईरान से आने-जाने वाले सभी समुद्री व्यापार को प्रभावी रूप से रोक दिया था।
बयान में बताया गया है कि अमेरिकी सेना द्वारा मध्य पूर्व में समुद्री वर्चस्व बनाए रखने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी पूरी तरह से लागू कर दी गई है। अनुमानतः ईरान की अर्थव्यवस्था का 90 प्रतिशत हिस्सा समुद्री मार्ग से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर है। नाकाबंदी लागू होने के 36 घंटे से भी कम समय में अमेरिकी सेना ने समुद्र के रास्ते ईरान में होने वाले सभी आर्थिक व्यापार को पूरी तरह से रोक दिया है।
Updated on:
15 Apr 2026 07:42 pm
Published on:
15 Apr 2026 06:55 pm
