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चाय का कप टूट जाने पर तीन साल के मासूम की कर दी थी हत्या, मां को बना लिया था बंधक, अब कोर्ट ने कर दिया न्याय

Nitin Pathare Case: मुंबई कोर्ट ने 3 साल के बच्चे की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद दी। टूटे चाय के कप पर गुस्से में आरोपी ने बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पांच साल की बहन की गवाही इस केस में सबसे अहम साबित हुई।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 16, 2026

Nitin Pathare Case

Nitin Pathare Case(AI Image-ChatGpt)

Mumbai News: मुंबई की एक सेशंस कोर्ट ने बुधवार को एक बेहद दर्दनाक मामले में बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने 44 साल के नितिन पाठारे को उम्रकैद की सजा दी है। आरोप था कि उसने 2017 में एक तीन साल के बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी थी। सिर्फ इसलिए क्योंकि बच्चे के हाथ से चाय का कप टूट गया था। यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही झकझोर देने वाली भी। अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि आरोपी ने न सिर्फ बच्चे की हत्या की, बल्कि सबूत मिटाने की भी कोशिश की। जज महेश के. जाधव ने कहा कि आरोपी ने गुस्से में आकर बच्चे को पहले बेल्ट और हाथों से पीटा, फिर उसका गला दबाया और जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

बहन की गवाही रही अहम


इस पूरे मामले में सबसे अहम गवाही उस बच्चे की बड़ी बहन की रही, जो उस वक्त महज पांच साल की थी। उसने अपनी आंखों से पूरी घटना देखी थी। कोर्ट ने उसकी गवाही को भरोसेमंद माना और उसी के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।

जानें डिटेल्स


कहानी की शुरुआत एक ट्रेन यात्रा से हुई थी। पीड़ित महिला अपने दो बच्चों के साथ नासिक जा रही थी, तभी उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। महिला पहले से ही अपने पति से अलग रह रही थी और आर्थिक तंगी से जूझ रही थी। ऐसे में आरोपी ने मदद का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फंसा लिया। कुछ दिनों बाद जब महिला मुंबई आई, तो आरोपी उसे घाटकोपर में अपने घर ले गया। उसने नौकरी दिलाने का वादा किया, लेकिन बाद में महिला ने आरोप लगाया कि उसने उन्हें घर में ही बंधक बना लिया और बच्चों को मारने की धमकी देने लगा।

ऐसी की हत्या


27 सितंबर 2017 को आरोपी ने महिला को नौकरी ढूंढने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। दोपहर में उसने फोन कर बताया कि बच्चे को मिर्गी का दौरा पड़ा है। जब महिला वापस लौटी, तो सच्चाई कुछ और ही थी। आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने बच्चे की हत्या कर दी है। महिला ने कोर्ट में बताया कि उसने अपने बेटे के शरीर पर चोट के निशान देखे। वहीं, उसकी बेटी ने भी बाद में बताया कि भाई से कप टूट जाने पर आरोपी गुस्से में आ गया था और उसने बेल्ट से उसका गला घोंट दिया।

गड्ढे में दोबारा दफनाया


हत्या के बाद आरोपी ने महिला को धमकाकर अपने साथ शव को ठिकाने लगाने के लिए मजबूर किया। वे कल्याण के हाजी मलंग इलाके में गए, जहां उसने बच्चे को गड्ढा खोदकर दफना दिया। इतना ही नहीं, कुछ दिनों बाद उसने शव को निकालकर और गहरे गड्ढे में दोबारा दफनाया। यह मामला तब सामने आया जब महिला किसी तरह आरोपी के चंगुल से भागने में सफल रही। उसने पड़ोसियों से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच के दौरान शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम कराया।

इस फैसले के साथ कोर्ट ने साफ संदेश दिया है कि ऐसे जघन्य अपराधों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमें और सतर्क होने की जरूरत है।