
कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को UAPA मामले में उम्रकैद (सोर्स: मेगा अपडेट एक्स स्क्रीनशॉट)
Asiya Andrabi Case: दिल्ली की एक अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में आया है, जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा से जुड़ा था।
अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना और पाया कि अंद्राबी पर लगे आरोप, भारत विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना साबित होते हैं। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए उम्रभर जेल में रहने की सजा सुनाई।
आज से लगभग दो हफ्ते NIA ने कोर्ट से कहा था कि दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी और उसकी दो पढ़ी-लिखी साथी सोफी फहमीदा और नाहीदा नसरीन साथियों ने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की साजिश रची और विदेश में मौजूद आतंकी संगठनों की मदद से अलगाववाद और हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश की थी।
जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, आसिया अंद्राबी सिर्फ साजिश में शामिल नहीं थी, बल्कि पूरे नेटवर्क की मुख्य आरोपी थी। उनके पाक से भी कनेक्शन मिले हैं।
NIA की ओर से पेश स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने बताया कि अंद्राबी और उनके साथियों ने आतंकी संगठनों की मदद से भारत के खिलाफ माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया। उनके सोशल मीडिया पोस्ट और बयान से साफ पता चलता है कि वे देश की लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने अपने प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत का भी इस्तेमाल किया। ये लोग जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की मांग कर रहे थे।
जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि अंद्राबी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। उनके खिलाफ 33 केस दर्ज हैं, जबकि उनकी साथी सोफी फहमीदा पर 9 और नाहिदा नसरीन पर 5 मामले दर्ज हैं।
बता दें दुख्तरान-ए-मिल्लत यूएपीए के तहत प्रतिबंधित है। इस मामले में एनआईए ने अप्रैल, 2018 में मामला दर्ज किया था।
स्पेशल NIA कोर्ट ने आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा के साथ उसकी दो महिला साथियों, सोफी फहमीदा और नाहीदा नसरीन को टेरर केस में 30 साल की सजा सुनाई गई है।
Updated on:
24 Mar 2026 05:46 pm
Published on:
24 Mar 2026 04:48 pm
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