
NCPI की फाउंडर शेवली कुंडू (फोटो सोर्स - एएनआई वीडियो स्क्रीनशॉट)
NCPI Founder Shewly Kundu: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने के बाद यह छोटी और लगभग अज्ञात राजनीतिक पार्टी अचानक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। जिस पार्टी बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाली शेवली कुंडू थीं, वह अब खुद NCPI का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कुछ समय पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
आपको बता दें बागी तृणमूल सांसदों ने कल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने के बाद NCPI में विलय कर लिया है। इसके बाद से लोगों के मन में एक ही सवाल था कि NCPI पार्टी कहां की है, इसका अध्यक्ष कौन है, पार्टी में कितने सदस्य हैं और कब इसकी स्थापना हुई? चलिए सब कुछ डिटेल में जानते हैं।
शेवली कुंडू ने जानकारी दी है कि अब उनका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में अब नया नेतृत्व काम कर रहा है, हालांकि पार्टी का नया प्रेसिडेंट कौन है इस पर उन्होंने बोलने से मन कर दिया, कहा इंतजार करिये सामने आ जाएगा।
शेवली कुंडू के मुताबिक, पार्टी छोड़ने के पीछे कोई राजनीतिक मतभेद नहीं बल्कि पेशेवर कारण थे। उन्होंने कहा कि वह हाई कोर्ट में वकालत करती हैं और बढ़ती पेशेवर व्यस्तताओं के कारण संगठन को पर्याप्त समय नहीं दे पा रही थीं। इसी वजह से उन्होंने सक्रिय राजनीति से पीछे हटने का फैसला किया।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, NCPI को 20 जनवरी 2023 को एक रजिस्टर्ड अनरिकॉग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी (RUPP) के रूप में पंजीकृत किया गया था। पार्टी का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बानिपुर इलाके में है। रिकॉर्ड में शेवली कुंडू को पार्टी की कोषाध्यक्ष बताया गया था, जबकि उनके पति उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष थे।
NCPI का गठन पश्चिम बंगाल में हुआ था, लेकिन पार्टी ने अपना पहला चुनावी दांव 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में खेला था। हालांकि चुनावी मैदान में पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। सात सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना के बावजूद चार उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हो गए और अंततः केवल दो सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ सकी। चावमानू सीट पर पार्टी को 536 और कैलाशहर सीट पर 286 वोट मिले। कुल मिलाकर पार्टी को महज 822 वोट प्राप्त हुए। शेवली कुंडू ने यह भी कहा हमने भले ही अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन एनडीए के साथ थे।
चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों ने बाद में दावा किया था कि चुनाव खत्म होने के बाद पार्टी लगभग निष्क्रिय हो गई और नेतृत्व से उनका संपर्क टूट गया।
NCPI के बारे में हालिया रिपोर्टों में शांतनु डे का नाम प्रमुखता से सामने आया है। उन्हें पार्टी का वरिष्ठ पदाधिकारी और संस्थापक सदस्य बताया जाता रहा है। लेकिन शेवली कुंडू ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
उनका कहना है कि शांतनु डे को केवल 2023 के त्रिपुरा चुनाव के दौरान जिम्मेदारी दी गई थी। उनके अनुसार, वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल नहीं थे और चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता भी नहीं ली।
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Updated on:
15 Jun 2026, 3:53 PM IST
Published on:
15 Jun 2026, 3:02 PM IST
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