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नीट होगी फूल प्रूफ, जेईई की तर्ज पर परीक्षा कराने की तैयारी

नीट को फूल प्रूफ बनाने के लिए सरकार ने नई योजना बनाई है। क्या है सरकार की यह योजना? आइए नज़र डालते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Aug 06, 2026

NEET

नीट (File Photo)

नीट (NEET) पेपर लीक के बाद अब केंद्र सरकार (Central Governement) की तरफ से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बताया है कि नीट परीक्षा को फूल प्रूफ बनाने के लिए जेईई (JEE) मेंस की तरह कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन परीक्षा मॉडल को अपनाया जाएगा। पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार ने यह योजना बनाई है। इसके साथ ही परीक्षा को वर्ष में दो बार आयोजित कराने की भी योजना है। इस दौरान सरकार की ओर से बीते दिनों उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में भी जानकारी दी गई।

गंभीरता से किया जा रहा है विचार

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में संरचनात्मक सुधार की मांग करने वाली याचिकाओं के जवाब में केंद्र ने उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में अंडर सेक्रेटरी अरविंद कुमार सिन्हा की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि एनटीए ने कई राष्ट्रीय परीक्षाओं को कंप्यूटर-आधारित परीक्षा प्रणाली में बदल दिया, लेकिन नीट अभी भी पेन-और-पेपर मोड में है। अब इसे भी कंप्यूटर-आधारित परीक्षा प्रणाली में बदलने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जेईई की तरह दो-चरणों वाले मॉडल से शुरुआत करते हुए चरणबद्ध तरीके से बदलाव करने का विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय हाई-लेवल टास्क फोर्स की सिफारिशों पर विचार करने के बाद और संबंधित पक्षों से सलाह लेने बाद ही लिया जाएगा।

अब तक ये कदम उठाए गए

'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026' :- 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026' लागू किया है। यह 2024 के उस कानून में संशोधन करता है जो पेपर लीक, उम्मीदवारों की जगह किसी और का परीक्षा देना, कंप्यूटर नेटवर्क से छेड़छाड़ और अन्य गलत कामों को अपराध मानता है। इसमें कड़ी सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट प्रावधान शामिल हैं।

टास्क फोर्स का गठन :- कुछ दिन पहले ही एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि हैं। टास्क फोर्स को नीट सुधारों की समीक्षा कर सिफारिशें देनी हैं। यह तीन माह अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

सुरक्षा का व्यापक सिस्टम तैयार :- इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली एक्सपर्ट्स की हाई-लेवल कमेटी की देखरेख में सुरक्षा का व्यापक सिस्टम तैयार किया गया।