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NIA की बड़ी कार्रवाई, भारत के खिलाफ आतंकी साजिश के आरोप में अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार

NIA ने मिजोरम सीमा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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भारत

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Devika Chatraj

Mar 20, 2026

NIA Kerala Explosives Case

मलप्पुरम में मंडरा रहा था बड़ा खतरा? 89,600 विस्फोटक स्टिक के बाद NIA ने पकड़ा मास्टरमाइंड! (फोटो सोर्स: ANI)

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पूर्वोत्तर की मिजोरम सीमा से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रूसी खुफिया एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर NIA ने अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये गिरोह भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा था और म्यांमार के हथियारबंद विद्रोही समूहों को ड्रोन तथा आधुनिक युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग दे रहा था।

टूरिस्ट वीजा की आड़ में अवैध काम

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने टूरिस्ट वीजा का इस्तेमाल किया। वे भारत में प्रवेश के बाद बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध मार्ग से मिजोरम के जंगलों के जरिये म्यांमार सीमा में प्रवेश कर गए, जहां उन्होंने विद्रोही गुटों को ड्रोन संचालन तथा युद्ध कौशल की ट्रेनिंग दी।

कितने आरोपी गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार, कुल 14–15 सदस्यीय इस नेटवर्क के सदस्यों में से 7 को अब तक पकड़ा जा चुका है। अन्य 8 यूक्रेनी नागरिकों की तलाश जारी है। यह गिरोह बड़े पैमाने पर यूरोप से ड्रोन और उन्नत युद्ध उपकरण भारत के रास्ते म्यांमार भेज रहा था, जो संभवतः भारत के उग्रवादी संगठनों तक पहुंच सकता था।

NIA की कार्रवाई

एनआईए ने आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों और पिछले महीनों के ट्रैफिक को ट्रैक करते हुए उन्हें भारत लौटने पर 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया।

  • 3 यूक्रेनियन - नई दिल्ली हवाईअड्डे से
  • 3 यूक्रेनियन - लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से
  • 1 अमेरिकी नागरिक - कोलकाता एयरपोर्ट से (मैथ्यू एरॉन वैनडाइक)

अब इन आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने 27 मार्च तक एनआईए हिरासत में भेज दिया है।

कौन है मास्टरमाइंड?

अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर के रहने वाले मैथ्यू एरॉन वैनडाइक, जिन्हें एजेंसी इस साजिश का मास्टरमाइंड मानती है, सुरक्षा विश्लेषक, डोक्यूमेंटरी फिल्ममेकर और सन्स ऑफ़ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) नामक संगठन का संस्थापक बताया जा रहा है। वैनडाइक ने 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान विद्रोही गुटों के साथ भाग लिया था। इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी, सीरिया के संघर्ष में शामिल रहे और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनियों को सैन्य ट्रेनिंग दी।

NIA का आरोप

NIA का आरोप है कि वैनडाइक म्यांमार के विद्रोही संगठनों के साथ भी संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त रहा है, जिनका भारत की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

पूर्वोत्तर में ड्रोन वारफेयर का खतरा

म्यांमार में गृहयुद्ध के कारण ड्रोन हथियारों का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि ये ड्रोन भारत के उग्रवादी समूहों तक पहुंच सकते हैं, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों मणिपुर, असम और मिजोरम में ड्रोन-आधारित हमलों का खतरा बढ़ सकता है।

पूर्वोत्तर राज्यों में अलर्ट

इस घटना के बाद भारत सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है और सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। NIA, IB और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।