8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पहलगाम आतंकी हमला: NIA ने दाखिल की चार्जशीट, पाक आतंकी संगठन LeT और TRF को बनाया आरोपी

पहलगाम आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Satya Brat Tripathi

•

Updated: 16 Dec 2025, 1:04 AM IST

NIA

पहलगाम आतंकी हमले के मामले में चार्जशीट दाखिल करने के लिए एनआईए अधिकारी सोमवार को जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत पहुंचे। (Photo Credit- ANI)

Pahalgam terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ 1,597 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। सोमवार को जम्मू स्थित NIA की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और उससे जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को एक कानूनी इकाई के रूप में आरोपी बनाया गया है।

चार्जशीट में पाकिस्तान से रची गई साजिश, आतंकियों की भूमिका, उनके नेटवर्क और हमले से जुड़े सहायक सबूतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। एनआईए ने आरोप लगाया है कि एलईटी-टीआरएफ ने पहलगाम हमले की योजना बनाई, उसे सहयोग दिया और अंजाम तक पहुंचाया। धर्म आधारित लक्षित हत्याओं वाले इस आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। एनआईए ने इस मामले में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए दंडात्मक धाराएं भी लगाई हैं, जिससे आरोपों की गंभीरता और स्पष्ट होती है।

आरोपियों के नाम और जांच में सामने आए सबूत

चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा उन तीन पाकिस्तानी आतंकियों फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें जुलाई 2025 में दाचीगाम में ऑपरेशन महादेव के दौरान मार गिराया गया था। आठ महीने की गहन वैज्ञानिक जांच में एनआईए ने साजिश की कड़ियां पाकिस्तान तक जोड़ी हैं। आतंकियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथड़ ने पूछताछ में हमलावरों की पहचान उजागर की थी। सभी आरोपियों पर बीएनएस-2023, शस्त्र अधिनियम और यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।