
केंद्रीय सडक़-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हम हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे। दुनिया में सबसे कम समय में एक लाख करोड़ रुपए की लागत से निर्मित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में कुछ खामियां मिली है। इसके लिए चार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड किया जा रहा है। इस साल सब देखेंगे कि ठेकेदार कैसे ब्लैक लिस्टेड होंगे? उन्हें ठोक-पीटकर ठीक कर देंगे। गडकरी ने कहा, मैं सार्वजनिक सभा में कह चुका हूं, जो ठेकेदार सही काम नहीं करेगा, उसे बुलडोजर के नीचे डलवा देंगे।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान राजस्थान के नागौर से सांसद व आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे की खामियों के कारण 150 से ज्यादा लोगों की मौतें हुई हैं। दौसा में 50 से ज्यादा लोगों की जान गई। उन्होंने ठेकेदारों और अधिकारियों की कार्रवाई और अंतिम जांच रिपोर्ट की डेडलाइन को लेकर सवाल पूछा। गडकरी ने कहा कि अमरीका व यूरोप में एक्सप्रेसवे बनाने वाली स्टोन मेस्टिक एस्फाल्ट (एसएमए) तकनीक से एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है। इसकी दस साल की गारंटी है। कुछ खामियों की जानकारी मिलने पर आइआइटी खडगपुर और आइआइटी गांधीनगर से जांच कराई गई।
प्रारंभिक जांच में टायरों से एसएमए लेयर के दबने की बात सामने आई। इसको ठीक करने का काम तीन महीने में पूरा होगा। चार ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। गडकरी ने कहा कि उन्हें एक्सप्रेसवे की कमी के कारण लोगों की मौत की जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच्चाई है कि देश में 5 लाख हादसों में करीब 1 लाख 68 हजार लोगों की मौत हुई है। सरकार ने दुर्घटना स्थलों पर सुधार के लिए 40,000 करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला किया है।
गडकरी ने कहा कि दुनिया की सबसे अच्छी तकनीक हम ला रहे हैं। अगले संसद सत्र से पहले हाईवे पर कोई टोल नाका नहीं रहेगा। किसी वाहन को कहीं नहीं रुकना पड़ेगा। जितना चलेंगे, उतने का ही टोल लगेगा। पूरा टोल नहीं देना पड़ेगा।
Published on:
06 Dec 2024 08:29 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
