
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (ANI)
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही राज्य की राजनीति छोड़ कर राज्यसभा का हिस्सा बन सकते है। नीतीश का आज राज्यसभा नामांकन भरना लगभग तय माना जा रहा है। यह खबरें सामने आने के बाद से बिहार की राजनीति में बवाल खड़ा हो गया है। नीतीश की पार्टी JDU के कार्यकर्ता सीएम हाउस पहुंचने लगे है और खबरों के मुताबिक पार्टी नीतीश के इस फैसले के पक्ष में नहीं है। जहां एक तरफ नीतीश की बिगड़ती सेहत को इस फैसले की वजह बताया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं का पक्ष कुछ और ही है। पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार पद छोड़ने का फैसला नीतीश ने नहीं लिया है बल्कि यह फैसला पार्टी के नेताओं का है।
इस मामले पर विपक्षी RJD के MLC सुनिल सिंह की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सिंह ने इस मामले पर बयान देते हुए बीजेपी पर नीतीश का पद छिनने का आरोप लगाया है। सिंह ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि नीतीश कुमार बीजेपी के जाल में फंस गए है। RJD सांसद मनोज झा की भी की भी इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। झा ने बिहार की हालिया परिस्थिति पर बयान देते हुए इसकी तुलना वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण से की है। झा ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि कल दोहपर के बाद से अचानक यह खबरें फैलने लगी है। अगर इन खबरों में कोई सच्चाई है और यह अफवाह नहीं है तो यह अपने आप में एक पॉलिटिकल चैप्टर के खत्म होने की कहानी कहता है। यह मादुरो का देसी संस्करण है।
इसी बीच नीतीश के फैसले के विरोध में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सीएम आवास के बाहर जमा हो गए है। कार्यकर्ता रो-रोकर नीतीश के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है। उनका कहना है कि हम अपनी जान दे देंगे लेकिन नीतीश को कहीं जाने नहीं देंगे। पार्टी के कार्यकर्ता नीतीश के इस फैसले से बिल्कुल खुश नजर नहीं आ रहे है। जेडीयू नेता राजीव रंजन पटेल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोने लगे। पटेल ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के अलावा कोई दूसरा सीएम मंजूर नहीं किया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम नीतीश का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
Updated on:
05 Mar 2026 11:23 am
Published on:
05 Mar 2026 10:57 am
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