
,,
Lok Sabha Elections 2024 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस घर-घर गारंटी ला रही है। इसमें बच्चे से बुजुर्ग तक हर वर्ग को टारगेट किया जाएगा। इसके लिए कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने मंगलवार को मुख्यालय में लंबा मंथन किया। चुनाव में हर वर्ग को लुभाने के लिए पार्टी कुछ न कुछ वादा करेगी। पार्टी ने इसकी झलक बैठक में घोषणा पत्र के ड्रॉफ्ट को मंजूर करते हुए दिखाई। घोषणा पत्र को न्याय पत्र नाम दिया गया है, जिसमें पहले से जारी पांच न्याय और पच्चीस गारंटी को शामिल किया।
पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाली कमेटी के घोषणा पत्र के ड्रॉफ्ट को सीडब्ल्यूसी के सामने रखा गया। सीडब्ल्यूसी ने इसे अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दिया। बैठक में कुछ नेताओं ने ईडी, सीबीआइ, इनकम टैक्स जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग को रोकने का मुद्दा उठाया।
घोषणापत्र में कांग्रेस इस पर कानून बनाने का वादा कर सकती है। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को देशभर में लागू करने का वादा करने पर भी सहमति बनी है। कुछ नेताओं ने सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का मामला उठाया। इसी तरह महंगाई को लेकर पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस सिलेंडर के दामों को नियंत्रित करने के लिए पार्टी बड़ा वादा कर सकती है। बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सीडब्ल्यूसी के अन्य नेता शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा के पांच स्तंभ रहे हैं। किसान न्याय, युवा न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय। हर स्तंभ में पांच गारंटी हैं और जिसे मिलाकर 25 गारंटी दी गई है। खरगे ने कहा कि हमारे हर गांव और शहर के कार्यकर्ता को उठ खड़ा होना होगा। घर-घर अपने घोषणापत्र को पहुंचाना होगा।
बैठक में नेताओं को चुनाव के दौरान फिजूल के बयानों को मुद्दा बनने से बचने की नसीहत दी। खरगे ने साफ कहा कि नेताओं को जनता से जुड़े सभी बुनियादी मुद्दों पर ही खुद को केन्द्रित रखना चाहिए। अगले 5 सालों की हमारी क्या नीति, कार्यक्रम, प्राथमिकताओं को लोगों को बताने पर ज्यादा फोकस करना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 1926 से ही देश के राजनीतिक इतिहास में कांग्रेस घोषणापत्र को विश्वास और प्रतिबद्धता का दस्तावेज माना जाता है। देश बदलाव चाहता है। मौजूदा मोदी सरकार की गारंटियों का वही हश्र होने जा रहा है, जो 2004 में भाजपा के 'इंडिया शाइनिंग' नारे का हुआ था।
1. हिस्सेदारी न्याय
- गिनती करो के तहत आर्थिक और जाति जनगणना
- आरक्षण का हक के तहत 50 फीसदी आरक्षण की लिमिट हटाना
- एससी-एसटी सब प्लान की कानूनी गारंटी
- जल जंगल का कानूनी हक
- अपनी धरती अपना राज
2. युवा न्याय
- केन्द्र की 30 लाख सरकारी नौकरी का भर्ती भरोसा
- पहली नौकरी पक्की
- पेपर लीक से मुक्ति
- गिग इकॉनोमी में सामाजिक सुरक्षा
- युवा रोशनी के तहत स्टार्ट अप फंड
3. नारी न्याय
- महालक्ष्मी के तहत गरीब परिवार की एक महिला को एक लाख रुपए सलाना
- आधी आबादी पूरा हक के तहत महिलाओं को नौकरी में 50 फीसदी आरक्षण
- शक्ति का सम्मान
- अधिकार मैत्री
- कामकाजी महिलाओं के लिए सावित्री बाई फुले हॉस्टल दो गुना करना
4. किसान न्याय
- सही दाम के तहत स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार एमएसपी को कानूनी दर्जा
- कर्ज माफी आयोग
- फसलों के नुकसान पर किसानों को 30 दिन में बीमा भुगतान का सीधा ट्रांसफर
- सही आयात निर्यात नीति
- जीएसटी मुक्त खेती
5.श्रमिक न्याय
- स्वास्थ्य अधिकार
- श्रम का सम्मान
- शहरी रोजगार गारंटी योजना
- सामाजिक सुरक्षा
- सुरक्षित रोजगार
पहले चरण के लिए नामांकन प्रकिया आज से शुरू हो रही है। देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले चरण की 102 लोकसभा सीटों पर चुनाव के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी होगी। 27 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन की जांच 28 मार्च को की जाएगी और उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 30 मार्च है। 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और नतीजे 4 जून को आएंगे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि वह निष्पक्ष, स्वतंत्र और सुरक्षित लोकसभा चुनाव आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Updated on:
20 Mar 2024 08:45 am
Published on:
20 Mar 2024 06:54 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
