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कॉरपोरेट बॉन्ड में अब छोटे निवेशक कर सकेंगे निवेश, न्यूनतम निवेश की सीमा 10,000 रुपए, जानिए फायदा और जोखिम

Corporate Bonds : डेट मार्केट और कॉरपोरेट बॉन्ड में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बाजार नियामक सेबी ने इसके इश्यू प्राइस में बड़ी कटौती की है। सेबी ने कॉरपोरेट बॉन्ड की फेस वैल्यू एक लाख रुपए से घटाकर 10,000 रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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Corporate Bonds : अक्सर निवेशक कॉरपोरेट बॉन्ड्स में उनसे मिलने वाले आकर्षक रिटर्न के बावजूद इसमें निवेश करने से चूक जाते हैं। इसकी वजह यह है कि इनमें निवेश की न्यूनतम राशि एक लाख रुपए होती है। लेकिन अब डेट मार्केट और कॉरपोरेट बॉन्ड में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बाजार नियामक सेबी ने इसके इश्यू प्राइस में बड़ी कटौती की है। सेबी ने कॉरपोरेट बॉन्ड की फेस वैल्यू एक लाख रुपए से घटाकर 10,000 रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यानी अब कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेशक न्यूनतम 10,000 रुपए निवेश कर सकेंगे।

आमतौर पर कॉरपोरेट बॉन्ड में बैंक एफडी से अधिक रिटर्न मिलता है। कई कंपनियां अपने कॉरपोरेट बॉन्ड से 10 प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक सालाना रिटर्न देती हैं। हालांकि यह एफडी जितना सुरक्षित नहीं है, पर इसमें शेयर बाजार से कम रिस्क है। यही वजह है कि विशेषज्ञ निवेशकों को एएए या एए रेटेड बॉन्ड में ही निवेश की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉरपोरेट बॉन्ड की फेस वैल्यू घटने से बॉन्ड खुदरा निवेशकों के लिए और आकर्षक बन सकते हैं।

क्या होगा फायदा?

बॉन्डों तक आसान पहुंच से खुदरा निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो में इसे शामिल कर कर सकते हैं और स्थिर आय और शेयरों के मुकाबले कम उतार चढ़ाव का फायदा उठा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढऩे से बॉन्ड बाजार ज्यादा लिक्विड और मजबूत होगा। बॉन्ड मार्केट, स्टॉक मार्केट या एफडी की तरह नहीं है। इसके पैरामीटर्स अलग हैं।

क्या हैं इसके जोखिम?

खुदरा निवेशकों को इसे एफडी की तरह नहीं समझना चाहिए। एफडी में निवेश की गई रकम की एक तरह से गारंटी होती है। वहीं कॉरपोरेट बॉन्ड में रिस्क होता है। कंपनी के डूबने पर पूरा पैसा डूब सकती है। इसलिए अच्छी रेटिंग वाला बॉन्ड ही खरीदना चाहिए। इसके रिस्क को भी समझाना जरूरी है।

कमाल का बदलाव

कंपनियां अब 10,000 रुपए के फेस वैल्यू वाले बॉन्ड्स भी जारी कर सकती हैं। यह बेहतरीन कदम है, जिससे आम निवेशकों की भागीदारी बॉन्ड्स तक हो गई है। सेबी ने यह कमाल का बदलाव किया है। - नितिन कामत, को-फाउंडर, जेरोधा

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

इंडियाबॉन्ड डॉटकॉम के सह-संस्थापक विशाल गोयनका ने कहा , जारी होने वाले कॉरपोरेट बॉन्ड के 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से का निजी नियोजन (प्राइवेट प्लेसमेंट) होता है। ऐसे में निजी नियोजन वाले डेट की फेस वैल्यू में कमी से कॉरपोरेट बॉन्ड में छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ेगी, क्योंकि अब निवेश का न्यूनतम आकार घट जाएगा।

सेबी: फेस वैल्यू 1 लाख रुपए से घटाकर 10,000 रुपए करने से डेट मार्केट होगा मजबूत
क्र10 लाख से घटाकर सेबी ने कॉरपोरेट बॉन्ड की फेस वैल्यू 1 लाख रुपए की थी अक्टूबर 2022 में, जिसे अब 10,000 रुपए किया गया

कॉरपोरेट बॉन्ड में ऐसे बढ़ा निवेश

वर्ष राशि जुटाई
2018-19 6.35
2019-20 6.74
2020-21 7.54
2021-22 6.35
2022-23 8.52
2023-24 10.13
(राशि लाख करोड़ रुपए में)

इन कंपनियों से सबसे अधिक राशि जुटाई

कंपनी राशि
नाबार्ड 65,393
आरईसी 52,140
एचडीएफसी 46,062
पीएफसी 45,310
सिडबी 38,600
एसबीआइ 38,101
(वर्ष 2023-24 में कॉरपोरेट बॉन्ड से जुटाई राशि करोड़ रुपए में)
(स्रोत: प्राइम डेटाबेस)