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ओडिशा रेल हादसा : 120 घंटे बाद भी 91 शवों की नहीं हुई पहचान, कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना

Odisha Train Accident : ओडिशा में बालासोर के पास हुए रेल हादसे में 288 लोगों की जान जा चुकी है। हादसे को 120 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी भी 91 शवों की पहचान नहीं हो सकी। ऐसे में उन शवों के डीएनए जांच की बात की जा रही है।

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ओडिशा रेल हादसा : ट्रिपल ट्रैन एक्सीडेंट में 288 की मौत, 90 की अभी तक शिनाख्त नहीं

Odisha Train Accident : ओडिशा ट्रेन हादसे का खौफनाक मंजर अभी तक लोगों के जहन में बसा हुआ है। हादसे में 288 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। आलम ये है कि हादसे को 120 घंटे से ज्यादा समय बीत हो चुका है लेकिन अब भी 91 शवों की पहचान नहीं हो सकी है। ऐसे कई शव हैं जिन पर परिवार के लोग दावा कर रहे हैं। लेकिन सही पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। वहीं कई लोग हाइसे के बाद से लापता हैं। जिनकी तलाश में परिजन अस्पताल और पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।

उधर, कांग्रेस हादसे के बाद से ही भाजपा के ऊपर हावी है। इस पूरी घटना के लिए पार्टी के स्पोकपर्सन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि रेल मंत्री की ओर से यह एक साजिश थी, जिसकी वजह से बालासोर रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। CBI को PM और रेलमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करनी चाहिए।

अजय कुमार ने आगे कहा कि रेल मंत्री ने ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जिस तरह से नाटक किया उन्हें तो ऑस्कर अवॉर्ड दिया जाना चाहिए। वहीं इस मामले में मोहम्मद इनाम उल हक का कहना है कि मेरा एक भतीजा है, जिसकी पहचान हो गई है लेकिन पांच दावेदार और हैं। उनका भी कहना है कि ये उनका रिश्तेदार है। इसलिए बॉडी का डीएनए टेस्ट कराना जरूरी है।

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वहीं भुवनेश्वर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने बताया कि जिन शवों की पहचान नहीं हो सकी है, उनकी पहचान के लिए उनका DNA टेस्ट कराया जाएगा। शवों पर दावा कर रहे परिजनों के 30 DNA सैंपल दिल्ली AIIMS को भेजे जाएंगे। यहां से 7-8 दिनों में रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट के बाद ही रिश्तेदारों को संबंधित डेडबॉडी सौंपी जाएगी।

उधर, भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि पार्टी ने हादसे के पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर 2000 रुपए के नोट दिए हैं। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें साउथ 24 परगना का एक परिवार 2000 रुपए के नोटों का बंडल पकड़कर बैठा था। मजूमदार ने कहा कि मुआवजा मिलना सही है लेकिन 2000 रुपए के नोट देना कितना सही है, जब इन नोटों को एक्सचेंज किए जाने की प्रक्रिया जारी है। ममता सरकार 2000 रुपए के नोट देकर कालाधन को सफेद कर रही है।

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