ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे का रेस्क्यू कार्य लगभग खत्म हो गया है। अब तेजी से मलबा और रेल यातायात को बहाल करने के लिए मजदूर कार्य कर रह हैं। रविवार सुबह रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बालासोर ट्रेन दुर्घटनास्थल पर फिर पहुंचे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा हादसे के बारे में पता चल गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट आ जाएगी। साथ बंगाल सीएम ममता बनर्जी को भी उनके सवाल का जवाब दिया। रेल मंत्रालय के सूत्र के अनुसार, PM Modi ने रेल दुर्घटना के संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और मरम्मत कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज रविवार सुबह एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि कल प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर तेजी से काम चल रहा है। कल रात एक ट्रैक काम लगभग पूरा हो गया। आज एक ट्रैक की पूरी मरम्मत करने की कोशिश रहेगी। सभी डिब्बों को हटा दिया गया है। शवों को निकाल लिया गया है। कार्य तेजी से चल रहा है। कोशिश है की बुधवार की सुबह तक सामान्य रूट चालू हो जाए। इस वक्त हमारा सारा ध्यान रेल ट्रेक बहाली पर है। करीब एक हजार मजदूर काम कर रहे हैं। कुछ रेल की पटरियां ठीक कर रहे हैं तो कुछ मलबे का हटा रहे हैं। उम्मीद की कल 5 जून तक ट्रैक दुरुस्त हो जाएंगे।
इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग में बदलाव से हुआ था हादसा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि हादसे की वजह का पता चल गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट आ जाएगी। हादसे के जिम्मेदारों की पहचान कर ली गई है। इन सब पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेल सुरक्षा आयुक्त ने जांच की है। इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग में बदलाव की वजह से हुआ था हादसा।
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ममता बनर्जी ने जो पूछा वो वजह नहीं
ममता बनर्जी के बयान पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि ममता ने कवच सिस्टम की बात की। ममता ने यह अपनी जानकरी के अनुसार कहा। पर हादसे की वजह कुछ और थी। जो ममता बनर्जी ने कहा वो वजह नहीं थी। ममता बनर्जी भी 1999 में, वह भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में रेल मंत्री बनीं थीं।
ममता बनर्जी का अश्विनी वैष्णव से सवाल
ममता बनर्जी का सवाल था कि टक्कर-रोधी सिस्टम काम क्यों नहीं करता है? उन्होंने कहा, कोरोमंडल एक्सप्रेस में टक्कर रोकने वाले सिस्टम नहीं लगा था। जब मैं रेल मंत्री थी, तब मैंने ट्रेनों में एक टक्कर रोधी सिस्टम लगाने की कवायद की थी। इस सिस्टम की वजह से एक ही ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनें एक निश्चित दूरी पर रुक जाती थीं। अब, जब आप यहां हैं (अश्विनी वैष्णव की ओर मुड़ती हैं) तो मैं यह बताना चाहती हूं कि इस ट्रेन में कोई सिस्टम नहीं लगा था। इस तरह की तकनीक के कार्यान्वयन से इस घटना को टाला जा सकता था।