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Odisha Train Accident : रेलवे पुलिस की शिकायत पर FIR दर्ज, अभी किसी का नाम नहीं

Odisha Train Accident ओडिशा के बालासोर ट्रेन दुर्घटना मामले में रेलवे पुलिस की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो गई है। आरोप लगाया गया कि यात्रियों के जीवन को खतरे में डाला गया और लापरवाही की वजह से यात्रियों की मौत हुई है। बालासोर ट्रेन दुर्घटना में अब तक 275 यात्रियों ने जान गंवाई है।

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Odisha Train Accident

बालासोर ट्रेन दुर्घटना में अब तक 275 यात्रियों ने जान गंवाई है। यात्रियों के जीवन को खतरे में डालना और लापरवाही की वजह से यात्रियों की मौत के रेलवे पुलिस के आरोप के साथ इसमें एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें मौत से लापरवाही की धाराएं जोड़ी गई है। फिलहाल दर्ज एफआईआर में किसी का नाम नहीं है। बालासोर रेल हादसे के बाद प्रभावित पटरियों पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है। ट्रैक की अप और डाउन लाइन पर ट्रेनों को चलाया गया। रेल मंत्री की मौजूदगी में टीम ने तत्परता से पटरियों को रीस्टोर किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने ओडिशा ट्रेन हादसे की जांच सीबीआई से करने की सिफारिश की गई है।



बालासोर रेल हादसे में क्या हुआ ?

ओडिशा के बालासोर रेल हादसे में 275 लोगों की मौत हुई और 1,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए। हादसे में 1,175 घायलों में से 793 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। हालांकि अभी भी कई घायलों की हालत गंभीर है।

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सिग्नल की विफलता पर उठा सवाल

बताया जा रहा है कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार यह हादसा एक सिग्नल की विफलता थी। जिसने शुक्रवार शाम को कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन को मुख्य लाइन से लूप लाइन पर धकेल दिया। इस लूप लाइन में एक मालगाड़ी भारी लौह अयस्क से भरी हुई थी।

और जबरदस्त हादसा हो गया

ट्रेनें इतनी जोर से टकराईं कि एक्सप्रेस के डिब्बे विपरीत पटरियों पर पलट गए और विनाशकारी परिणामों के साथ आने वाली हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई। और जबरदस्त हादसा हो गया।

इलेक्ट्रोनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की आशंका

रेलवे को आशंका है कि हो सकता है इलेक्ट्रोनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ किया गया हो। ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’ बालासोर वाले रूट पर नहीं लगाए गए थे। इस पर सवाल उठ रहे हैं। रेलवे ने अपनी सफाई में कहाकि अगर इस रूट पर कवच सिस्टम भी लगा होता तो इस तरह की रेल दुर्घटना को नहीं रोक सकते है।

किसने किया और कैसे हुआ, इसका पता लगाया जाएगा - रेल मंत्री

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, यह एक अलग मुद्दा है। यह एक बिंदु मशीन, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के बारे में है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में जो परिवर्तन हुआ, उसके कारण दुर्घटना हुई। किसने किया और कैसे हुआ, इसका पता लगाया जाएगा।

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