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Odisha Train Tragedy: घायलों को खून देने के लिए जुटा हुजूम, लोग बोले- इंसानियत अभी जिंदा है

Odisha Train Tragedy : ओडिशा के बालासोर में हुए विनाशकारी ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 261 तक पहुंच गई है। इस हादसे में 900 से अधिक लोग घायल हैं। जिनकी मदद में स्थानीय लोगों ने गजब का उत्साह दिखाया है।  

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Odisha Train Tragedy: घायलों को खून देने के लिए जुटा हुजूम

Odisha Train Tragedy: घायलों को खून देने के लिए जुटा हुजूम

Odisha Train Tragedy : ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद घायलों की मदद के लिए स्थानीय लोगों ने दिन-रात एक कर दिया। घटनास्थल पर लोगों की जान बचाने, घायलों को हॉस्पिटल में पहुंचाने, इलाज और खून की व्यवस्था में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाई। लोगों की मदद वाली इस भावना को देखकर यह कहा जा रहा है कि इंसानियत अभी जिंदा है। इस हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराए गए अस्पताल में खून देने वाले लोगों का हुजूम जुट गया। ब्लड बैंक में इतने लोग जमा हो गए कि एक ही रात में 500 यूनिट ब्लड जमा हो गया। इससे घायलों की इलाज में खून की कमी जैसी स्थिति नहीं बनी। खून देने के लिए अस्पताल में जुटे लोगों की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें ब्लड बैंक सेंटर लोगों से खचाखच भरा नजर आ रहा है।


रात भर बालासोर और भद्रक हॉस्पिटल में ब्लड डोनेशन

मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन हादसे के घायल पीड़ितों के लिए सैकड़ों स्थानीय युवा अस्पतालों में रक्तदान करने के लिए पहुंचे। शुक्रवार शाम को हुई दुर्घटना की खबर फैलते ही युवा रक्तदान करने के लिए बालासोर जिला मुख्यालय अस्पताल और भद्रक में रात भर लाइन में लगे रहे। कतार में खड़े अधिकतर लोग घायलों को जानते तक नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्होंने रक्तदान में बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाई।

'हमारा खून किसी की जान बचाएं, इससे बढ़कर खुशी क्या होगी'

खून देने लोगों की कतार में खड़े एक युवक ने कहा कि हम (लगभग 25 स्वयंसेवक) स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए यहां बालासोर अस्पताल आए हैं। अगर हमारा खून किसी की जान बचा सकता है, तो इससे बढ़कर कोई और खुशी नहीं हो सकती।

बता दें कि बहनागा स्टेशन के पास हुए भीषण ट्रेन हादसे में 260 से अधिक लोगों के मारे जाने और 900 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है। यहां कोरोमंडल एक्सप्रेस Coromandel Express और SMVT-हावड़ा सुपर फास्ट एक्सप्रेस के 17 डिब्बे पटरी से उतर गए।

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सीएम ने भी स्थानीय लोगों की प्रशंसा की

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बालासोर अस्पताल का दौरा किया और घायल यात्रियों से बातचीत की। उन्होंने इतने लोगों की जान बचाने के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासन को धन्यवाद दिया। पटनायक ने मीडियाकर्मियों से कहा, मैं बेहद इस ट्रेन दुर्घटना से बहुत दु:खी हूं। मैं स्थानीय लोगों और स्थानीय टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने लोगों को मलबे से बचाने के लिए रात भर काम किया।

मुख्य सचिव ने रक्तदान करने वालों का शुक्रिया अदा किया

ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप कुमार जेना ने ऐसे दु:खद समय में रक्तदान के लिए युवा स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया। जेना एक ट्वीट में कहा, यहां बालासोर में रात भर में 500 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। वर्तमान में 900 यूनिट स्टॉक में है। इससे दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में मदद मिलेगी। मैं उन सभी स्वयंसेवकों का व्यक्तिगत रूप से ऋणी और आभारी हूं, जिन्होंने एक नेक काम के लिए रक्तदान किया है।

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