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One Nation One Election: पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने किया समर्थन, कहा, छोटे दल हाशिए पर चले जाएंगे क्योंकि…

One Nation One Election News: पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ ने एक राष्ट्र, एक चुनाव को संवैधानिक रूप से उचित बताया है। हालांकि उन्होंने कहा, बड़ी पार्टियों के दबदबा के चलते छोटी पार्टियां हाशिये पर चली जा सकती हैं।

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One Nation One Election

वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर 11 जुलाई को जेपीसी की बैठक होगी। (फाइल फोटो: IANS)

EX CJI On One Nation One Election: देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (EX CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने देश में लोकसभा व विधानसभाओं के एक साथ चुनाव (One Nation One Election) को संवैधानिक रूप से उचित बताते हुए इसका परोक्ष समर्थन किया है लेकिन इसमें छोटे और क्षेत्रीय दलों के लिए स्पर्धा में कमजोर होने (लेवल प्लेइंग फील्ड) के प्रति आशंकाएं जाहिर की हैं। पूर्व सीजेआई ने वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC on one nation one election) को दिए अपने लिखित प्रतिवेदन में अपनी यह राय जाहिर की है।

जेपीसी की बैठक में जस्टिस चंद्रचूड़ रखेंगे अपने विचार

Ex CJI Chandrachud: जस्टिस चंद्रचूड़ आगामी 11 जुलाई को होने वाली जेपीसी की बैठक में व्यक्तिगत तौर पर उपिस्थत होकर अपने विचार रखेंगे। जानकार सूत्रों के अनुसार पूर्व सीजेआई ने उन तर्कों को खारिज कर दिया है कि एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन करने वाला विधेयक मूल संरचना के सिद्धांत का उल्लंघन करता है। उन्होंंने कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संविधान की एक बुनियादी विशेषता है। यह जरूरी नहीं कि एक साथ चुनाव नहीं कराने पर ही ऐसा संभव होगा।

एक साथ पूरे देश में चुनाव से होगा ये फायदा

उन्होंने इस आशंका को खारिज कर दिया कि प्रस्तावित कानून संघीय ढांचे को खतरे में डालेंगे। सूत्रों के अनुसार जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस तर्क को खारिज कर दिया है कि एक साथ चुनाव कराने से सरकार के विभिन्न स्तरों के बीच विभाजन धुंधला हो जाएगा क्योंकि अगर चुनाव चक्र एक साथ होंगे तो मतदाता क्षेत्रीय चिंताओं पर राष्ट्रीय मुद्दों को प्राथमिकता दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह तर्क इस धारणा पर आधारित है कि भारतीय मतदाता भोले हैं और उन्हें आसानी से गुमराह किया जा सकता है। भारतीय मतदाता भोले नहीं हैं। एक साथ चुनाव से मतदाताओं के अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों को चुनने के अधिकार का उल्लंघन नहीं होता है।

वन नेशन वन इलेक्शन देश में कैसे लागू होगा, इस बारे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कुछ महीने पहले जानकारी दी थी। आप जानना चाहते हैं तो वीडियो देख सकते हैं।

छोटी पार्टियाें को नुकसान की आशंका

सूत्रों के अनुसार पूर्व सीजेआई ने यह भी कहा कि एक साथ चुनाव कराने से छोटे दल या क्षेत्रीय दल हाशिए पर जा सकते हैं क्योंकि बेहतर संसाधनों वाली राष्ट्रीय पार्टियों का दबदबा और बढ़ जाएगा। प्रस्तावित कानून में इस पर विधायी ध्यान देने की आवश्यकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह समस्या स्वतंत्र है और एक साथ चुनाव कराने वाले कानूनों से इतर है।