अकेले कर्नाटक में पिछले तीन सालों में ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन से जुड़ी 18 मौतें दर्ज की गई, जिनमें कुछ लोगों ने गेमिंग फीचर खरीदने के दबाव और मानसिक तनाव के कारण जीवन समाप्त किया। पुणे में एक 15 साल के बच्चे ने कुछ दिनों तक गेमिंग के बाद 'लॉगआउट' लिखकर आत्महत्या कर ली। विशेषज्ञों के अनुसार, गेमिंग के दौरान तीव्र उत्तेजना में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन बढ़ते हैं।