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Operation Hardball: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर शिकंजा, भारत ने अमेरिका के साथ साझा किए नाम, ठिकाने और सबूत

Lawrence Bishnoi Gang: भारतीय और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने कसी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ नेटवर्क पर नकेल, बदमाशों और ठिकानों की लिस्ट हुई तैयार। पढ़ें पूरी खबर...
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भारत

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Pratiksha Gupta

Jul 09, 2026

Operation Hardball, Lawrence Bishnoi Gang, Goldy Brar

लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ | फोटो सोर्स- patrika.com

Goldy Brar: विदेशों में बैठकर भारत में अपराध करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसे 'ऑपरेशन हार्डबॉल' (Operation Hardball) नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय खुफिया और केंद्रीय एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के गुर्गों की एक लिस्ट सौंपी है। इस लिस्ट में न सिर्फ गैंगस्टरों के नाम हैं, बल्कि विदेशों में छिपे उनके संभावित ठिकानों का पूरा कच्चा चिट्ठा भी शामिल है, जिसे दोनों देशों ने मिलकर चेक (वेरीफाई) किया है।

फोन कॉल पर मांगी 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रंगदारी

बुधवार को खुलासा करते हुए कहा था कि गुजरात के अहमदाबाद स्थित हाई सिक्योरियी वाले साबरमती जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने अमेरिका में अपने गुर्गों को वाह्टसएप कॉल किए थे। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि बिश्नोई ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच जेल के भीतर से कई फोन कॉल और मैसेज किए। इस दौरान गैंगस्टर ने 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रंगदारी मांगी थी।

निज्जर की हत्या में बराड़ का हाथ

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में छिपे हुए उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने का भी सीधा आरोप लगाया है। अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक बिश्नोई का सिंडिकेट लगातार प्रमुख धार्मिक, सामाजिक और सियासी नेताओं को निशाना बनाता है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि लॉरेंस और बराड़ इन हाई प्रोफाइल वारदातों का इस्तेमाल समाज में खौफ पैदा कर रंगदारी वसूलने के लिए करता है।

साबरमती जेल से चलाता है पूरा रैकेट

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई अपना गैंग जेल में बैठे-बैठे चलाता है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी जेल कोठरी में स्मगल कर लाए गए प्रतिबंधित सेलफोन और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके अमेरिका में हत्याओं, गोलीबारी और जबरन वसूली को अंजाम दिया है।

आजतक कोर्ट को नहीं दी जमानत की अर्जी

भारतीय जांच एजेंसी NIA ने भी 2022 में कहा था कि लॉरेंस बिश्नोई जेल के अंदर से गैंग का पूरा ऑपरेशन चलाने में बेहद माहिर है। यही वजह है कि उसने किसी भी कोर्ट में अपनी जमानत की अर्जी नहीं लगाई है, लेकिन बिश्नोई के वकील ने कहा कि उस पर इतने केस दर्ज है कि कोई भी उसकी जमानत का बॉन्ड भरने के लिए आगे नहीं आता। इसलिए लॉरेंस ने अभी तक किसी कोर्ट में कोई अर्जी नहीं दी।