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‘एलओसी से ऑपरेशन सिंदूर तक’, भारत की 8 ऐतिहासिक कार्रवाइयां जिनसे कांप उठा पाकिस्तान

India vs Pakistan War History: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद एक बार फिर भारत की सैन्य ताकत दुनिया के सामने दिखी। 1947 से 2025 तक पाकिस्तान के हर दुस्साहस का भारत ने करारा जवाब दिया। जानिए कैसे आठ बड़े संघर्षों में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया।

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भारत

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Ashib Khan

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आनंदमणि त्रिपाठी

May 08, 2026

भारत ने हर बार पाकिस्तान को दी मात (Photo-AI)

India Pakistan Conflict Timeline: ‘ऑपरेशन सिंदूर' भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ अब तक का सबसे संक्षिप्त संघर्ष था। इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान ने जब भी भारत के विरुद्ध युद्ध, संघर्ष या विश्वासघात की राह चुनी, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी। पिछले आठ दशकों में भारत ने आठ बार पाकिस्तानी दुस्साहस का करारा जवाब दिया है। हर बार भारतीय सेना की कार्रवाई पहले से अधिक मारक, आक्रामक और सटीक साबित हुई। 'ऑपरेशन सिंदूर' का प्रभाव ऐसा था कि पाकिस्तानी संसद में वहां के राजनेता रहम की भीख मांगते नजर आए। आइए जानते हैं, कब-कब भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाई:

1947: एलओसी का निर्धारण

बंटवारे के समय जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने रियासत का विलय भारत में किया। इससे बौखलाकर पाकिस्तानी सेना समर्थित कबाइलियों ने आक्रमण कर दिया। भारतीय सेना ने त्वरित हस्तक्षेप करते हुए निर्णायक बढ़त हासिल की। जनवरी 1949 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता के बाद संघर्ष विराम हुआ और नियंत्रण रेखा (एलओसी) अस्तित्व में आई।

1965: लाहौर तक पहुंची भारतीय सेना

पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन जिब्राल्टर' के जरिए कश्मीर में विद्रोह भड़काने की कोशिश की। जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन रिडल' और 'एब्लेज' शुरू किया। गुजरात से लेकर कश्मीर तक भारतीय सेना ने ऐसा शौर्य दिखाया कि मात्र 17 दिनों में पाकिस्तान के पैर उखड़ गए। अंततः सोवियत संघ और अमरीका की मध्यस्थता से युद्ध समाप्त हुआ।

1971: जब बदल गया दुनिया का नक्शा

पाकिस्तान द्वारा थोपे गए इस युद्ध का अंत ऐतिहासिक रहा। भारत ने न केवल युद्ध जीता, बल्कि पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश को जन्म दिया। भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह को तहस-नहस कर दिया। परिणाम स्वरूप, पाकिस्तानी सेना को दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण (सरेंडर) करना पड़ा।

1984: सियाचिन पर तिरंगा (ऑपरेशन मेघदूत)

लद्दाख को अलग करने की नीयत से पाकिस्तान ने सियाचिन की चोटियों पर कब्जे की गुप्त योजना बनाई थी। इसकी भनक लगते ही भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन मेघदूत' चलाकर पाकिस्तान से पहले रणनीतिक ऊंचाइयों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन अबाबील' यहां पूरी तरह विफल रहा।

1999: करगिल विजय

मई 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने करगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत दुर्गम पहाड़ियों पर भीषण लड़ाई लड़ी और 26 जुलाई 1999 तक अपने सभी क्षेत्रों को फिर से हासिल कर लिया।

सितंबर 2016: उरी का बदला 'सर्जिकल स्ट्राइक'

उरी बेस कैंप पर हुए आतंकी हमले में 19 जवानों की शहादत के बाद भारत ने नीति बदली। 28-29 सितंबर की रात भारतीय कमांडो ने एलओसी पार कर आतंकी लॉन्च पैडों को तबाह कर दिया। यह इतनी सटीक 'डीप स्ट्राइक' थी कि पाकिस्तान को इसकी खबर तब लगी जब हमारे सैनिक सुरक्षित लौट आए।

फरवरी 2019: बालाकोट एयरस्ट्राइक

पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आत्मघाती हमले (40 जवान शहीद) का जवाब भारत ने आसमान से दिया। 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। 1971 के बाद यह पहली बार था जब वायुसेना ने सीमा पार जाकर हमला किया।

मई 2025: आतंक के अड्डों का सफाया

पहलगाम हमले के बाद 6 और 7 मई की रात भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर नौ पाकिस्तानी आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस कार्रवाई में कंधार हाईजैक से लेकर हालिया हमलों के गुनहगार मारे गए। रॉकेट और सटीक स्ट्राइक से दुश्मन का बुनियादी ढांचा पूरी तरह पस्त हो गया।