
विपक्षी दलों ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के खिलाफ प्रदर्शन किया (Photo-ANI)
Jaishankar Speech on Iran-Israel War: संसद के बजट का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। बजट सत्र के दौरान राज्य सभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल-ईरान युद्ध पर अपनी बात रखी और कहा कि हम पश्चिम एशिया के हालातों पर नजर रखे हुए हैं। जयशंकर के भाषण पर गठबंधन I.N.D.I.A के नेताओं ने दोनों सदनों में विरोध-प्रदर्शन किया। दोनों सदनों विरोध-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले I.N.D.I.A ब्लॉक के सांसद सदन के बाहर जमा हो गए और हाथों में श्लोगन लिखी तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की।
सदन के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे नेताओं ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने बैनर पर लिखा- खाड़ी जल रही है, तेल संकट है, भारतीय फंसे हुए हैं। भारत को चुप्पी नहीं, नेतृत्व चाहिए। विरोध-प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित I.N.D.I.A ब्लॉक के कई नेता शामिल हुए।
सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के नेता पश्चिम एशिया तक फैल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष पर पूरी चर्चा की मांग कर रहे थे। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से भारत काफी प्रभावित है। LPG के बढ़ते दाम इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। वेणुगोपाल ने कहा- हम इस संकट पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। हम अपनी मांग पर अडिग हैं। भारत अमेरिका-ईरान संघर्ष से बुरी तरह से प्रभावित होने वाला है। ऊर्जा संकट हर जगह व्याप्त है। ईंधन की कीमतें दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं, लोग संकट में हैं। सरकार को चर्चा के लिए आना ही होगा। इसी सदन में पहले भी ऐसी चर्चाएं हो चुकी हैं।
कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले की निंदा की है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा- अमेरिका द्वारा एक संप्रभु राष्ट्र पर किया गया अकारण हमला अत्यंत निंदनीय है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। चाहे जो भी मतभेद हों, चाहे सुरक्षा संबंधी चिंताएं कुछ भी हों। उनका समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए, न कि युद्ध के माध्यम से।
सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार गंभीर है। हम पश्चिम एशिया के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भारत मानता है कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लिया जाना चाहिए। PM नरेंद्र मोदी भी घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि हम दूसरे मुल्क में फंसे हुए भारतीयों की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की वापसी को सुगम बनाने के लिए उड़ानों को मंजूरी दे दी है और उन्हें संचालित भी किया है। सरकार के इस प्रयास से करीब 67,000 भारतीय नागरिक स्वदेश लौट चुके हैं।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग में मारे गए लोगों के प्रति सदन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संवेदना व्यक्त की है। विदेश मंत्री ने कहा- हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी करके गहरी चिंता व्यक्त की थी। हमने जनवरी में ही अपने नागरिकों को आगाह किया था कि जितनी जल्दी हो स्वदेश लौट आएं। भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी की थी। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए। इस मामले पर सभी सदस्यों को संयम बरतने की जरूरत है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क है।
Published on:
09 Mar 2026 03:07 pm
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