
Oxford Smart Aging Summit (AI Image)
Oxford Smart Aging Summit: ऑक्सफोर्ड में पिछले हफ्ते आयोजित स्मार्ट एजिंग समिट में एक नई रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बुढ़ापे में खराब स्वास्थ्य के लिए कम से कम 80% व्यक्ति खुद जिम्मेदार होते हैं। साथ ही यह भी कहा है कि अगर लोग कम उम्र से ही अच्छी आदतें अपनाएं, जैसे- सही खाना खाएं, नियमित व्यायाम करें, शराब और धूम्रपान से बचें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें तो वे लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अपनी उम्र और सेहत पर जितना सोचते हैं, उससे ज्यादा नियंत्रण रखते हैं। यह पहली एज-लेस रिपोर्ट ब्रिटेन के कई विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार की है।
इस रिपोर्ट में लोगों को प्रोसेस्ड फूड से बचने, शराब पूरी तरह छोड़ने, अच्छी नींद लेने, शाम 6:30 बजे के बाद खाना न खाने और मांस कम खाने जैसी सलाह दी गई है। साथ ही, रिपोर्ट में सरकार से शराब पर भी वैसी ही सख्त पाबंदियां लगाने की मांग की गई है, जैसी धूम्रपान पर लगाई गई थीं।
हालांकि, कई विशेषज्ञों ने इस दावे को अधूरा बताया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सिर्फ व्यक्तिगत आदतों से तय नहीं होता बल्कि गरीबी, प्रदूषण, काम की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और सरकारी नीतियों का भी इस पर बड़ा असर पड़ता है। इनका कहना है कि स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कुछ कारक हमारी हेल्दी आदतों से परे होते हैं।
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में प्रोफेसर देवी श्रीधर इस बात से काफी हद तक सहमत हैं कि लोगों की जीवनशैली उनकी सेहत पर बड़ा असर डालती है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का उनकी सेहत से गहरा संबंध होता है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सरकारी नीतियां, नियम और लोगों की रहने की परिस्थितियां भी स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालती हैं।
Published on:
23 May 2026 06:04 am
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