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पहलगाम पुलिस दे रही QR कोड, स्कैन करते ही टूरिस्ट्स के सामने होगी सामने वाले की ‘कुंडली’

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की गई है, जिससे पर्यटक सेवा प्रदाताओं की जानकारी तुरंत जांच सकेंगे और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

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भारत

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Himadri Joshi

Apr 19, 2026

Pahalgam police

पहलगाम पुलिस (फोटो - एएनआई)

जम्मू कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले के बाद यहां आने वाले पर्यटकों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था। अब पर्यटकों में भरोसे को फिर से बहाल करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की है, जिससे पर्यटक किसी भी सेवा प्रदाता की जानकारी तुरंत जांच सकेंगे। देश के इस सबसे बड़े पहचान अभियान का उद्देश्य 25 हजार लोगों को एक आइडेंटिटी सिस्टम में लाना है। अब तक इसके तहत पहलगाम इलाके में लगभग 7 हजार लोगों को क्यूआर कोड दिए जा चुके है।

स्कैन करते ही मिलेगी सारी जानकारी

इसके लिए अप्लाई करने के लिए लोगों को सबसे पहले वेरिफिकेशन फॉर्म जमा कराना होगा, जिसके बाद व्यक्ति का बैकग्राउंड चेक होगा और फिर क्यूआर कोड जारी किया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है तो उसे क्यूआर नहीं दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत सभी टूरिज्म सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे पोनी राइड ऑपरेटर, फोटोग्राफर, दुकानदार, हॉकर्स और बाहरी विक्रेताओं को एक यूनिक क्यूआर कोड दिए जा रहे है। यह कोड मोबाइल से स्कैन करते ही संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी सामने ला देता है। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन डिटेल और पुलिस वेरिफिकेशन की स्थिति शामिल होती है।

पहलगाम हमले में मारे गए थे 25 पर्यटक

अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम पर्यटकों को सही और पंजीकृत सेवा प्रदाताओं की पहचान करने में मदद करेगा। इससे फर्जी लोगों पर रोक लगेगी और अनधिकृत गतिविधियों को खत्म करने में सहायता मिलेगी। यह पहल पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के साथ साथ सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। बता दें कि पिछले साल लश्कर ए तैयबा से जुड़े आतंकियों द्वारा किए गए हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मौत हो गई थी। इस घटना ने अनंतनाग जिला के इस प्रसिद्ध स्थल की छवि को नुकसान पहुंचाया था।

स्थानीय सेवा प्रदाताओं ने पहल का स्वागत किया

अब प्रशासन का मानना है कि क्यूआर कोड सिस्टम से पर्यटकों का विश्वास दोबारा मजबूत होगा। अधिकारी का कहना है, पर्यटक अब किसी भी सेवा प्रदाता पर भरोसा करने से पहले उसका क्यूआर कोड स्कैन कर पूरी जानकारी देख सकते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। स्थानीय सेवा प्रदाताओं और टूरिज्म से जुड़े लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उनकी पहचान प्रमाणिक होगी और पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा।

स्थानीय लोगों का समर्थन और सिस्टम का असर

स्थानीय सेवा प्रदाता गुलाम हसन ने बताया कि हम सभी को दस्तावेज जांच के बाद क्यूआर कोड दिया गया है और हमारे आधार नंबर भी इससे जुड़े हैं। सुरक्षा बल समय समय पर हमारे कोड की जांच करते हैं ताकि केवल सही लोग ही काम कर सकें। एक अन्य सेवा प्रदाता ने कहा, पर्यटकों को अब पूरी जानकारी मिल सकेगी, जिससे वे ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। यह कदम सुरक्षा के साथ साथ रोजगार को भी स्थिर बनाएगा। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बाहर से आने वाले विक्रेताओं की भी पूरी तरह पुलिस जांच की गई है। इससे सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी नहीं रहेगी और पर्यटन गतिविधियां सुरक्षित वातावरण में संचालित होंगी।